मेरे नन्हें-नन्हें चूजो दूर कभी न जाना...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं :
मेरे नन्हें-नन्हें चूजो दूर कभी न जाना-
जो भी हो पास तुम्हारे मिल बाँट खा लेना-
नन्हें-नन्हें पंख तुम्हारी उड़ने भी ढंग से नह सीखे हो-
कोमल-कोमल हाथ पाँव तुम्हारी संभलना भी नही सीखे हो-
ऊँची-ऊँची पहाड़ पर्वत ऊँची गहरी खाई है-
ठौर-ठौर पर ब्याध का पहरा उनके आँखे ऊँची ललचाई है...

Posted on: Jun 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER