दिलो में जूनून है और जुबां पे इंकलाब...कविता-

कानपुर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई शहादत दिवस के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं:
दिलो में जूनून है और जुबां पे इंकलाब-
सलामी के लिये उमड़ा है, बदलो का ये सैलाब-
याद करके बलिदान तुम्हारा-
जश्न में डूबा है वतन सारा-
हर जुबां पे होगा इंकलाब का नारा...

Posted on: Mar 23, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER

नेताओं की गोद में खेल रहा, मेरा भारत महान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
नेताओं की गोद में खेल रहा, मेरा भारत महान-
जनता मूर्ख जानकर भी कर रहा उनका दोष का सम्मान-
खून की होली खेल रहे, हो रहा कत्ले आम-
चीर हरण हो रहा यहां देखो यहां खुले आम-
देश की अमानत पूंजी लोग ले भाग रहे-
उद्योगपति बेईमान, सरकार सो रहा यहां बिस्तर तान...

Posted on: Mar 23, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

उड़े अबीर उड़े गुलाल, हर चहेरा दिखे लाल...कविता-

कानपुर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई होली त्योहार पर एक कविता सुना रहे हैं :
उड़े अबीर उड़े गुलाल-
हर चहेरा दिखे लाल-
होली का कुछ ऐसा हो घुमान-
कि ख़ुशी के रंग में-
रंग जाए हर इंसान-
इस होली कुछ ऐसा हो यार-
कि ढोल की एक ताल पे...

Posted on: Mar 21, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER

फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल...होली पर कविता-

जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार होली के त्योहार पर एक कविता सुना रहे हैं:
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल-
अपने तन पर लेपता, केसर और गुलाल-
तन हो गया पलाश-सा, मन महुए का फूल-
फिर फगवा की धूम है, फिर रंगों की धूल-
मादक महुआ मंजरी, महका मंद समीर-
भँवरे झूमे फूल पर, मन हो गया अधीर...

Posted on: Mar 21, 2019. Tags: ANUPPUR MP POEM RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

बाल बाल को सवारिय, बाल नही तो बेहाल...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बाल बाल को सवारिय, बाल नही तो बेहाल-
बाल को ऐसा सवारिये जैसे गुत्थे बाल-
बाल होत तन की शोभा, बाल होत घर की आभा-
बाल को ऐसा बांधिये कही बिखर न जाये-
बाल को ऐसा तानिये, कंचन जैसा निखर जाये...

Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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