चुनावी दौर पर देखो नेताओं के जमाव...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चुनावी दौर पर देखो नेताओं के जमाव-
राहों में चौराहों पर पड़ाव-
कसमे वादे अच्छा-अच्छा सुझाव-
बरसाती मेढ़को के टर्राहट-
लगता है जैसा लगा हो हाट-
पम्पलेट पोस्टरो का देखो ठाठ...
Posted on: Apr 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
दो बिल्ली एक रोटी लाई, पर दो टुकड़े कर नहीं पाई...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
दो बिल्ली एक रोटी लाई, पर दो टुकड़े कर नहीं पाई-
बंदर एक वहां पर आया, दोनों को उसने समझाया-
लड़ना छोड़ राजीव तराजू लाई, तौल बराबर रोटी खाओ-
बिल्ली दौड़ तराजू लाई, लगा तौलने बंदर भाई-
भारी पकड़े से कुछ टुकड़ा डाला-
डालने अपने मुख डाला-
बंदर सब रोटी खाई, बिल्ली बैठ रही ललचाई...
Posted on: Mar 31, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोंकों से लो कोमल भाव बहाना-
दूध तथा पानी से सीखो मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो जगना और जगाना-
लता और पेड़ों से सीखो सबको गले लगाना-
मछली से सीखो स्वदेश के लिए तड़पकर मरना...
Posted on: Mar 30, 2019. Tags: CG KAILASH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
जल से पतला कौन है, कौन भूमि से भारी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जल से पतला कौन है, कौन भूमि से भारी-
कौन अगन से तेज है, कौन काजल से काली-
जल से पतला ज्ञान है, पाप भूमि से भारी-
क्रोध अगन से तेज है, कलंक काजल से काली-
मन भज ले श्री राधे गोविंदा...
Posted on: Mar 30, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGADH SONG VICTIMS REGISTER
मेरी मम्मी प्यारी मम्मी मुझको बहोत भाती है...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रही हैं:
मेरी मम्मी प्यारी मम्मी मुझको बहोत भाती है-
अपने आंचल के छांव में, लोरी सुनाकर सुलाती है-
अपने तन से दूध पान कराकर-
अपने आंचल से ढक लेती है-
गीले में खुद सोती पर सूखे में मुझे सुलाती है-
थोड़ा भी अस्वस्थ्य होने पर झट अस्पताल ले जाती है...
