उठो-उठो मेरी प्यारी बन्नी खुशिया खूब मनाओ...बन्नी गीत-
ग्राम-मनारी, पंचायत-जतरी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुषमा एक बन्नी गीत सुना रही हैं:
उठो-उठो मेरी प्यारी बन्नी खुशिया खूब मनाओ तुम्हे क्या हो गया है-
ओ प्यारी बन्नी बेंदी तो भेजी तेरी सास ने ओ ओ-
बेंदी पहन लो माथे सजा लो बन्ना के घर जाओ-
ओ प्यारी बन्नी कुंडल तो भेजी तेरी सास ने ओ ओ-
कुंडल पहन लो कान सजा लो बन्ना के घर जाओ-
उठो-उठो मेरी प्यारी बन्नी खुशिया खूब मनाओ तुम्हे क्या हो गया है...
Posted on: Feb 08, 2020. Tags: MP REWA SONG SUSHAMA VARMA VICTIMS REGISTER
किताबें करती है बातें...कविता-
ग्राम पंचायत-चांदागाँव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से राखी एक कविता सुना रहे हैं:
किताबें करती है बातें-
बीती ज़माने की, दुनिया की-
आज की कल की-
एक एक पल की-
खुशियों की ग़मों की-
जीत की हार की-
क्या तुम नहीं सुनोगे-
इन किताबों की बातें-
किताबें कुछ कहना चाहती है-
तुम्हारे साथ रहना चाहती है...
Posted on: Feb 08, 2020. Tags: CG NAGMANI ADIVASI NARAYANPUR POEM SONG VICTIMS REGISTER
आप आये यहां कर रहे स्वागतम...गीत-
ग्राम पंचायत-आठगांव, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से कुमारी देवकी और कुमारी राधिका एक स्वागत गीत सुना रहे हैं :
आप आये यहां कर रहे स्वागतम-
स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम-
आपके आ जाने से मेरा सारा गगन-
आप आये यहां अतिथ का सरताज है-
कैसा पावन सुहावन समय आज है-
आप आये यहां कर रहे स्वागतम...
Posted on: Feb 08, 2020. Tags: CG NARAYANPUR SONG SUKHDAI KACHLAM VICTIMS REGISTER
धरले फरुहा अउ कुदारी रे किसान...गीत-
ग्राम-वनउसीर, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से बाबूलाल नेटी खेती किसानी पर एक गीत सुना रहे हैं:
धरले फरुहा अउ कुदारी रे किसान-
बंजर भुइंयाँ ला बनाके उपजाबो बढ़िया धान-
धरले फरुहा अउ कुदारी रे किसान-
बंजर भुइंयाँ ला बनाके उपजाबो बढ़िया धान...
Posted on: Feb 08, 2020. Tags: BABULAL NETI CG KONDAGAON SONG VICTIMS REGISTER
वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्त्तव्य मार्ग पर डट जावें...गीत-
ग्राम-आठपाल, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से राधिका अपने साथियों के साथ एक प्रार्थना गीत सुना रही हैं :
वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्त्तव्य मार्ग पर डट जावें-
पर-सेवा पर-उपकार में हम, निज जीवन सफल बना जावें-
वह शक्ति हमें दो दयानिधे-
हम दीन-दुखी निबलों-विकलों के, सेवक बन संताप हरें-
जो हैं अटके, भूले-भटके, उनको तारें खुद तर जावें-
वह शक्ति हमें दो दयानिधे छल, दंभ-द्वेष, पाखंड-झूठ,
अन्याय से निशिदिन दूर रहें, जीवन हो शुद्ध सरल अपना...
