महतारी के कोरा ला आऊ, कहां ले पाऊं गा संगी मोर...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
महतारी के कोरा ला आऊ, कहां ले पाऊं गा संगी मोर-
ओखर कोरा में खेले खायें, ओला कैसे मै भुलाओं गा संगी-
जियत रहिस ओला मै नई पूछे गा संगी-
मर गिस ता पछ्तावथो गा संगी-
महतारी हर मोला छोड़ के चल दिहिस गा संगी...
Posted on: Apr 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...बाल कविता-
ग्राम-ढोडी, पोस्ट-बरती काला, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से पूनम मरावी एक कविता सुना रही हैं :
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित, सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोकों से लो, हिलना, जगत हिलाना!
दूध और पानी से सीखो, मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो, जगना और जगाना-
लता और पेड़ों से सीखो, सबको गले लगाना...
Posted on: Apr 09, 2019. Tags: AJIT SINGH BALRAMPUR CG POEM SONG VICTIMS REGISTER
मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है...कविता-
ग्राम-ककनार, ब्लाक-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से भान साहू बच्चो के साथ कविता सुना रही हैं :
मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है-
हाथ लगाओ डर जाती है, बाहर निकालो मर जाती है-
अगर कगर चम्पा, बीच में लगी घंटा-
नौ साल की नदी में बारा मिटठू बैठे थे-
एक मिठू कच्चा, हिरन का बच्चा-
हिरन गया पानी पीने, बकरी उसकी नानी है...
Posted on: Apr 08, 2019. Tags: BHAN SAHU CG DARBHA JAGDALPUR POEM SONG VICTIMS REGISTER
ऊपर पंखा चलती थी, नीचे बेबी सोती थी...कविता-
ग्राम-सुरसा, जिराक, पोस्ट-काला बरती, थाना-चलगली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से चंदरसाय के साथ सीता एक कविता सुना रही हैं:
ऊपर पंखा चलती थी, नीचे बेबी सोती थी-
सोते सोते भूख लगी, खालो बेटी मुगफली-
मूंगफली में दाना नहीं हम तुम्हारे मामा नहीं-
मामा गए दिल्ली, दिल्ली से लई बिल्ली-
बिल्ली मारी लात, चल पड़ी बारात-
बारात में दो बच्चे मम्मी पापा अच्छे...
Posted on: Apr 07, 2019. Tags: BALRAMPUR CG CHANDAR SAI POEM SONG VICTIMS REGISTER
हाथी भालू दोनों में था, सच्चा-सच्चा मेल...कविता-
ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैसागांव, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलिमा हुसेंडी और यमुना वैस एक कविता सुना रहे हैं :
हाथी भालू दोनों में था, सच्चा-सच्चा मेल-
दोनों मिलकर खेल रहे थे, लुका छिपी का खेल-
हाथी बोला सुन भैया भालू मै अब छुपने जाता हूं-
पानी वाली जगह मिलूंगा पक्की बात बताऊंगा...
