महतारी के कोरा ला आऊ, कहां ले पाऊं गा संगी मोर...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
महतारी के कोरा ला आऊ, कहां ले पाऊं गा संगी मोर-
ओखर कोरा में खेले खायें, ओला कैसे मै भुलाओं गा संगी-
जियत रहिस ओला मै नई पूछे गा संगी-
मर गिस ता पछ्तावथो गा संगी-
महतारी हर मोला छोड़ के चल दिहिस गा संगी...
