फसलो के लिये कीट नाशक बनाने का घरेलू तरीका...
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से जगदीश यादव किसान भाइयों के लिये मौसम के अनुसार पौधों में लगने वाले फंगस को दूर करने के उपाय बता रहे हैं, गोबर और गौमूत्र का घोल तैयार कर पौधों में उपयोग कर सकते हैं, घोल बनाने के लिये गाय का गोबर 5 किलो, गौमूत्र 5 लीटर, चूना 150 ग्राम लें और पानी 5 लीटर लें, एक टब में मिश्रण बना लें और उसको ऊपर से ढककर चार दिन तक सड़ने दें, दिन में एक बार मिश्रण को छड़ी से मिलायें | चार दिन बाद इसे निकाले और कपड़े से छान लें और चूने का प्रयोग करके 100लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ ज़मीन में डालें | गाढ़ा होने के कारण पहले इसे बोरे से छान ले फिर पतले कपड़े से छान लें |यह विधि अपनाकर फंगस दूर कर सकते हैं |यह रोग प्रतिरोधक होती है पौधों में होने वाली रोगों की बचाव करने की सरल और घरेलु विधि है संबंधित जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@7697448583.
Posted on: Jan 23, 2020. Tags: AGRICULTURE JAGDISH YADAV MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
बिना मेहनत और खाद के उगने वाला धान है पसही-
ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से जगदीश यादव धान के बीज के बारे में बता रहे हैं| आज धान की कई किस्म उपलब्ध हैं, उसी में से एक है पसही धान, ये धान की वो किस्म है, जिसे किसान खेती नहीं करता है, ये खुद खेतो और गड्ढो में भरे पानी में उगती है, देखने में लगता है, इसमे किसान ने बहुत मेहनत कर उगाया है, पर ऐसा नहीं है| धान की ये किस्म प्रकृति में खुद से तैयार होती है| इसके फसल को पशु नहीं खाते, इसके चावल की कीमत बाजार में 200 रुपये किलो है| संबंधित विषय पर अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@7697448583.
Posted on: Sep 09, 2019. Tags: AGRICULTURE JAGDISH YADAV MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
मौसम अच्छा रहने पर पर्याप्त उपज मिल जाता है...किसान अजय चंद्राकर-
कोदवा, जिला-बेमेतरा (छत्तीसगढ़) से अजय कुमार चंद्राकर बता रहे हैं| वे खेती का काम करते हैं| अभी वे खेती की तैयारी में लगे हैं| मौषम का इंतजार कर हैं| खेती में धान, गेंहू, सोयाबीन, अरहर, उड़द उगाते | दस एकड़ में खेती करते हैं| पहले सोयाबीन की बुवाई करते है, उसके बाद धान का बीज लगाते हैं| सब कुछ अच्छा होने पर 7 से 8 क्विंटल तक सोयाबीन का उत्पादन हो जाता है| और मुगफली 20 से 30 बोरी तक उत्पादन हो जाता है| संपर्क नंबर@9131081484.
Posted on: Jun 18, 2019. Tags: AGRICULTURE BEMETARA CG SONG TIRATHRAM SAHU VICTIMS REGISTER
गन्ना गांव के किसानो का व्यवसाय और जीविका का साधन है
ग्राम-बरबसपुर, प्रखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से नसीर अंसारी किसान हैं, गन्ने की खेती करते हैं, वे बता रहे हैं कि गन्ने की खेती करने के लिए पहले खेत की जुताई की जाती है, उसके बाद मेढ बनाते हैं, मेढ बनाकर गन्ने के छोटे टुकड़े कर लगाते हैं, फसल तैयार होने तक फसल में 3 से 4 बार पानी छोड़ा जाता है, और जब फसल तैयार हो जाता है, तो उसे काट कर उद्योग में बेचते हैं, वर्तामान में 320 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ने का दाम मिलता है, एक एक्कड़ भूमि में गन्ने की खेती करने से 20 से 25 हजार तक का लाभ मिल जाता है, फसल को पूरी तरह से तैयार होने 10 महीने समय लगता है, वहां के किसानो के लिए ये रोजगार का एक अच्छा साधन है, एक बार गन्ने की खेती करने पर 3 साल तक गान्ने की फसल लगाने की जरुरत नही पड़ती, पुराने जड़ से गन्ना उग जाता है, पानी देने और देख-रेख करने की जरुरत पड़ती है| नसीर अंसारी@9430313721.
Posted on: Oct 07, 2018. Tags: ) AGRICULTURE ANSARI CG NASUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
खेती हमर सार, बाकी दुनियादारी बेकार...छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी पर कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी के बारे में कविता सुना रहे हैं :
चल जाबो गा संघी खेत खार-
सोना सही धान पके हवे, ऊपर मुड़ा नाथ-
पसिया ला धर लूबो दिन भर-
करपा-करपा कर, दुई दिन सुखाबो-
पैरा डोर मा बांधाबो, बैला-भैसा गड़ी मा आनबो-
कोठार मा खरी गांजबो-
बैल ला बगराबो दाई बेलन फांदबो...
