बिल्ली गयी दिल्ली...कविता-

ग्राम-दरभागुडा, विकासखण्ड-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से सोयम आरती एक कविता सुना रहे हैं :
बिल्ली गया दिल्ली,
दिल्ली में था बन्दर,
लाल किल्ले के अंदर,
बन्दर दिया मुंगफल्ली,
बिल्ली ले कर उसे चली,
रस्ते में था भालु...

Posted on: May 14, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG POEM SONG SUKMA VICTIMS REGISTER

फुलों सी वो नाजुक है, वदन उसका रुई सामान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
फुलों सी वो नाजुक है,
वदन उसका रुई सामान,
फिर भी ऊँचे पर्वत को चढ़ जाती,
वो नन्ही सी जान,
पर्वतो से टकरा कर, अपना वो बिल बनाती,
फुर्ती रहती हरदम, कहाँ कहाँ क्या मीठा...

Posted on: May 14, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मन समर्पित तन समर्पित और यह जीवन समर्पित...कविता-

सीजीनेट के साथी ओमकार मरकाम एक कविता सुना रहे हैं :
मन समर्पित तन समर्पित-
मन समर्पित तन समर्पित और यह जीवन समर्पित-
चाहता हूँ देश की धरती तुझे कुछ और भी दूँ-
माँ तुम्हारा ऋण बहुत है मैं अकिंचन-
किन्तु इतना कर रहा फिर भी निवेदन-
थाल में लाऊँ सजाकर भाल जब-
स्वीकार कर लेना दयाकर यह समर्पण-
गान अर्पित प्राण अर्पित रक्त का कण-कण समर्पित...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG OMKAR MARKAM POEM SONG VICTIMS REGISTER

कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है...कविता-

ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से ओमकार मरकाम एक कविता सुना रहे हैं :
कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है-
मै न बंधा हूँ देश काल की जग लगी जंजीर में-
मै न खड़ा हूँ जात पात, उंच-नीच की भीड़ में-
मेरा धर्म न कुछ, स्याही शब्दो का गुलाम है-
मै बस कहता हूं कि प्यार है तो घट-घट में राम है-
मुझमे तुम न कहो मंदिर मस्जिद पर सर मै टेक दूं-
मेरा तो आराध्य आदमी देवाल्य हर द्वार है...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KABIRDHAM OMKAR MARKAM POEM SONG VICTIMS REGISTER

कल-कल, छल-छल बहती नदी नालायें...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
कल-कल, छल-छल बहती नदी नालायें-
कहीं उथली, कही गहरी-
कहीं समतलतायें-
कई तरह की जीव जंतू, उसके अंदर समायें-
सभी का प्यास बुझाती वह अपना जल पिलाकर-
सभी उसका आगे में रहते, ठण्डा पानी पीकर...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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