कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है...कविता-

ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से ओमकार मरकाम एक कविता सुना रहे हैं :
कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है-
मै न बंधा हूँ देश काल की जग लगी जंजीर में-
मै न खड़ा हूँ जात पात, उंच-नीच की भीड़ में-
मेरा धर्म न कुछ, स्याही शब्दो का गुलाम है-
मै बस कहता हूं कि प्यार है तो घट-घट में राम है-
मुझमे तुम न कहो मंदिर मस्जिद पर सर मै टेक दूं-
मेरा तो आराध्य आदमी देवाल्य हर द्वार है...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KABIRDHAM OMKAR MARKAM POEM SONG VICTIMS REGISTER