India Is My Country...Poem
ग्राम-झरना, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से अमित राठिया एक कविता सुना रहे हैं :
India is my country-
All Indians are my Brothers and Sisters-
I love my country-
and I am proud of its rich and varied heritage-
I shall always strive to be worthy of it-
I shall give respect to my parents, teachers and all elders…
Posted on: Jun 06, 2019. Tags: AMIT RATHIYA CG POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
दीदी का जब बिहाव रचाया मेरे माता-पिता ने...कविता
ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैंसगाँव, तहसील-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलिमा उसेंडी, यमुना एक कविता सुना रहे हैं :
दीदी का जब बिहाव रचाया मेरे माता-पिता ने-
मेहमानों को तब बुलाया मेरे माता पिता ने-
दिल्ली से फिर दादा-दादी नाना-नानी आये-
साडी बिंदिया चूड़ी कंगन कई पेटियां लाये-
मामा-मामी काका-काकी मौसा-मौसी आये...
Posted on: Jun 06, 2019. Tags: ANTAGARH CG KANKER POEM RADHA KACHLAM SONG VICTIMS REGISTER
हरी ने हरी को चर गया, कि हरी गया हरी पास...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कविता सुना रहे हैं :
हरी ने हरी को चर गया, कि हरी गया हरी पास-
की हरी को देख हरी भाग गया, कि हरी मन हुआ उदास-
हरी देख हरी पास गया, हरी मन हो गया उल्लास-
हरी देख हरी ने सूत गया, हरी मन हो गया उदास-
हरी ने हरी को ले उड़ा, हरी गया समंदर पार-
हरी ने हरी से जा भिड़ा, हरी ने हरी का किया उद्दार-
हरी देख हरी गया हरी के पास, हरी को हरी न मिला...
Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चल न दीदी जाबो वो जंगल पथरा झाड...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं :
चल न दीदी जाबो वो जंगल पथरा झाड-
अडबड तेंदू चार पके हवे, झन कर तय बिचार-
पान मुखारी तोड़ आन बो, बेटी के हवय सगाई-
पतरी दोना खील डार बो, अडबड हवय मंगाई-
बेटी के सगाई मा, आहीं लोग लुगाई-
ओकर खातीर कहाथो वो, झन कर तय ठागुवाई...
Posted on: Jun 04, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
क्या खूब लिखा है किसी ने...कविता-
ग्राम पंचायत-पिंडरुखी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से भारतद्वाज मानिकपुरी एक कविता सुना रहे हैं:
क्या खूब लिखा है किसी ने-
मरना सभी को है, लेकिन मरना कोई नहीं चाहता-
आज परिस्थिती और विषम है-
भोजन सभी को चाहिये, लेकिन खेती करना कोई नहीं चाहता-
पानी सभी को चाहिये, लेकिन पानी बचाना कोई नहीं चाहता-
दूध सभी को चाहिये, लेकिन गाय पालना कोई नहीं चाहता...
