अगहन कातिक परे पला, अऊ जेठ बैसाख करे कला...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं:
अगहन कातिक परे पला, अऊ जेठ बैसाख करे कला-
सांथी जंगल झाड़ होये उजाला-
अऊ गढ़ा, नदी सूखे नाला-
जंगल झाड़ होय ई उजराला-
पानी बिना पवन अऊ पवन बिना धान-
जल बिन मछली पवन बिन धान...
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
झाड़ू जब तक एक सूत्र में बंधा रहता है, तब तक कचरा साफ करता है...कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह एक कविता सुना रहे है:
झाड़ू जब तक एक सूत्र में बंधा रहता है-
तब तक कचरा साफ करता है-
लेकिन वही झाड़ू बिखर जाती है-
तो खुद कचरा बन जाती है-
इसलिए हमेशा संघटन में बंधे रहे-
बिखर कर कचरा न बने...
Posted on: Feb 27, 2019. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
किसान मजदूर परेशान रे, देखा सरपंची राज...गीत
ग्राम-देवरी,जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया गीत सुना रहे हैं :
किसान मजदूर परेशान रे, देखा सरपंची राज-
इन सबका चवुर रोके घर बड़ा पैना साधे-
सरकारी पद पागे हो गए दलाल हमर आधीकार नहीं देवे तय रे...
Posted on: Feb 21, 2019. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
दारू झिन ब्याह छुटी जाए, जिन्दगी भर की जोड़ी...नशा मुक्ति गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सुरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया नशा को लेकर एक गीत सुना रहे है :
दारू पिए करम, फाटे ऐ कोढ़ी-
दारू झिन ब्याह छुटी जाए, जिन्दगी भर की जोड़ी-
दारू धिन पिया भाई, छुट जाए जिन्दगी भर की जोड़ी-
दारू में लूट गए रे हाय, दारू में लूट गए रे-
कोया वासी भाई, दारू मे लूट गयो भाई-
गोंडवाना मोर भाई, दारू में लूट गयो मोर भाई-
पांच लीटर पैतालीस किलो, दारू हो गई छुट...
Posted on: Feb 16, 2019. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय हाय जिन्दगी हर दिन चारी...कर्मा गीत-
ग्राम-देवरी, थाना, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा गीत सुना रहे हैं:
हाय रे हाय हाय जिन्दगी हर दिन चारी-
का कहय बहन अटारी जिन्दगी हर बड़ा भारी-
काकर बने भाई छींदे कर झाला जिन्दगी होगे दिन चारी-
काकर बने पका अटारी, जिन्दगी होगे दिन चारी-
किसान मजदूर कर बने, छींदकर झाला...
