दारू झिन ब्याह छुटी जाए, जिन्दगी भर की जोड़ी...नशा मुक्ति गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सुरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया नशा को लेकर एक गीत सुना रहे है :
दारू पिए करम, फाटे ऐ कोढ़ी-
दारू झिन ब्याह छुटी जाए, जिन्दगी भर की जोड़ी-
दारू धिन पिया भाई, छुट जाए जिन्दगी भर की जोड़ी-
दारू में लूट गए रे हाय, दारू में लूट गए रे-
कोया वासी भाई, दारू मे लूट गयो भाई-
गोंडवाना मोर भाई, दारू में लूट गयो मोर भाई-
पांच लीटर पैतालीस किलो, दारू हो गई छुट...
