जिमुक जमू डंडा करे कनुका ता लक्का रे...गीत-

कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से कुलमनी और जेना एक गीत सुना रहे हैं :
जिमुक जमू डंडा करे कनुका ता लक्का रे-
जिमुक जमू डंडा करे कनुका ता लोटा-
छाटा दरिया फुन फुंदिया नोनी रे-
तोरा पुटिया लोरको, बैसदी गोड़िया लोको-
जिमुक जमू डंडा करे कनुका ता लक्का रे-
जिमुक जमू डंडा करे कनुका ता लोटा-
छाटा दरिया फुन फुंदिया नोनी रे...

Posted on: Jun 16, 2019. Tags: BHAN SAHU CG KONTA SONG SUKMA

वैययो वैया नोनी निम्मा वैया नोनी, वैया नोनी...गोंडी गीत-

रामाराम, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से भान साहू ग्रामीण महिलओं के साथ एक गोंडी गीत सुना रही हैं :
वैययो वैया नोनी निम्मा वैया नोनी-
वैया नोनी-
याते यल्ले केल्ला नोनी याले याले केल्ला-
वैययो वैया नोनी निम्मा वैया नोनी-
उंगल माको यया, उंगल माको यायो-
वैययो वैया नोनी निम्मा वैया नोनी...

Posted on: Jun 16, 2019. Tags: BHAN SAHU CG GONDI SONG SUKMA

Impact : हमारे पारा में बिजली की समस्या थी, अब ठीक हो चुकी है-

ग्राम पंचायत-कुकदुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से मिथलेश मानिकपुरी बता रहे हैं| उनके गांव के आवास पारा में लाईट की समस्या थी| जिसके कारण लोगो काफी दिक्कत होती थी| तब उन्होंने 7 जून 2019 को सीजीनेट में अपना संदेश रिकॉर्ड किया| जिसके बाद 13 जून 2019 को बिजली की समस्या हल हो चुकी है| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं| जिन्होंने उनकी मदद की : संपर्क नंबर@8964973228.

Posted on: Jun 16, 2019. Tags: CG IMPACT STORY KABIRDHAM MITHLESH MANIKPURI

हमारे यहां बाजार में जरुरत की सभी चीजे उपलब्ध होती है...

कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से राव बता रहे हैं| वे एक व्यापारी हैं| वहां सप्ताह में 2 दिन बाजार लगता है| बुधवार को चिंतूर और गुरुवार को कोंटा में बाजार लगता है| बाजार में उड़ीसा आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ से लोग आते हैं| बाजार के आस पास के लोग चीजे लाकर बेचते हैं| उसी से उनका जीवन चलता है| ये उनके रोजगार का एक माध्यम है| बाजार में सब्जी, कपड़े जरुरत की सभी चीजें उपलब्ध होती हैं|

Posted on: Jun 16, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG KONTA STORY SUKMA

गर्मी घामे सोते जाये, घर दूरा पलट फेर नहीं पाये...कविता-

ग्राम-देवरी, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
गर्मी घामे सोते जाये, घर दूरा पलट फेर नहीं पाये-
ज्येठ, बैसाख, गर्मी सोते जाये-
घर मंदिर अपने पलट नहीं पाये-
आवे सावन पानी बरसे, अषाढ़ में घुटुर घटर बादल कड़काय...

Posted on: Jun 16, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SURAJPUR

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