कबीरदास, रहीम जैसे कवियों की एक दोहे...

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व कबीरदास, रहीम जैसे कवियों की एक दोहे सुना रहें हैं:
“रहिमन ओछे नरन सो, बैर भली न प्रीत. काटे चाटे स्वान के, दोउ भाँती विपरीत.”
अर्थ:- बुरे लोगों से न तो दोस्ती अच्छी होती हैं, और न तो दुश्मनी. जैसे कुत्ता चाहे काटे या चाटे दोनों ही अच्छा नहीं होता ऐसे व्यक्ति अपने ही स्वार्थ की सोचता हैं. RK

Posted on: Sep 19, 2020. Tags: POEM

त्याग अपना कोई न जाना...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार कविता सुना रहे हैं:
खूब लिखा माँ की ममता पर-
दर्द पिता का रहा अंजाना-
माँ के आंसू सबने देखे-
त्याग अपना कोई न जाना... (AR)

Posted on: Sep 18, 2020. Tags: POEM

हम मेहनत के दीप जलाकर नया उजाला करना सीखेंगे...कविता-

जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहें हैं:
हम मेहनत के दीप जलाकर नया उजाला करना सीखेंगे-
आशा का दीप जलाकर न्य इतिहास लिखना सीखेंगे-
हम भारत माता के नाम तकदीर बदलकर रख देंगे-
चलो दीप जलाए वह जहा अभी भी अधेंरा हैं-
चलो उठाओ तलवार साथियों, जहा अभी तक आतंक घेरा...

Posted on: Sep 18, 2020. Tags: POEM

महकती हुई सुबह होगी...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार पंक्तिया सुना रहे हैं:
यदि समय को पहचान लिया आपने-
महकती हुई सुबह होगी-
खुशियों भरी रात होगी-
वर्ष के प्रत्येक दिन किस्मत आपके साथ होगी-
जब सफ़लताओ का दौर चलेगा-
जीत आपके साथ होगी... (AR)

Posted on: Sep 18, 2020. Tags: POEM

मै लाया मजेदार चना चोर गरम...कविता-

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल एक कविता सुना रहे हैं:
जिसमे चलते रहे सिपहिया-
उपर बैठे कृष्ण कन्हैया-
मिठवा बहती गंगा मईया-
मेरा चना बना चुटकुल्ला-
जिसके खाते हाजी मुल्ला-
चना चोर गरम बाबू-
मै लाया मजेदार चना चोर गरम... (AR)

Posted on: Sep 17, 2020. Tags: POEM

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