अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए मेहनत और अभ्यास जरुरी है...रघुकथा
जिला-राजनंदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गन्धर्व हमारे सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं को एक रघुकथा सुना रहे हैं:
एक विद्यार्थी था जो हमेशा ही कक्षा में अनुतीर्ण हो जाता था क्योकि वह पढाई करता नहीं था पढाई में उसका मन लगता नहीं था और जब वे अनुतीर्ण होता था तो कभी इस्वर को कोचता था कभी गुरुजनों कोचता था इसी में उसका जीवन बाढ़ रहा था गर्मियों कि छुट्टियों में एक दिन वह अपने मामा के गाँव गया वहाँ भोजन के बाद निकल गया घूमने के लिए तो देखता है एक कुआँ है कुएं के पास बाल्टी है पर खीचने के लिए रस्सी नहीं है तो आते-जाते लोग कोचते थे कि बाल्टी रखी है रस्सी नहीं है तो हम पानी कैसे पियेंगे एक आदमी आया तो उसने सोचा पानी मुझे पीना है तो मेहनत मुझे करनी होगी वहां पे नारियल का पेड़ था तो उसने नारिया तोडा और नारियल के छिलके से रस्सी बनाई और बाल्टी में फसाकर कुएं से पानी निकालकर खुद पिया और दूसरों को भी पिलाया तो वो देकता रहा फिर उसने सोचा पानी पीने के लिए ये इतनी मेहनत कर सकता है तो मै मेहनत करूँगा तो क्यूँ नहीं आगे बढ़ सकता तो उसका ज्ञान आगया और वो पढाई में मन लगाकर पढने लगा | तो बात सत्य है हर काम में प्रगति करने के लिए मेहनत आवश्यक है और अभ्यास आवश्यक है अभ्यास ही गुरु है: संपर्क नंबर @9098921436 CS
