आदिवासी समुदाय महुआ के फूल को अपना राष्ट्रीय फूल मानते हैं, यह उनके जीवन से जुड़ा हुआ है...

वीरेंद्र सिंह मरावी महुआ के पेड़ से मिलने वाले लाभ के बारे में बता रहे है, वे बता रहे हैं कि महुआ के फूल को आदिवासी अपना राष्ट्रीय फूल मानते है इसकी खुशबू सालो साल तक यथावत बनी रहती है इसके फूल को दो मिनिट पानी में भिगोने पर यह ऐसे दिखाई देता है जैसा ताज़ा फूल हो.आदिवासियों के जीवन और जीविका से यह सीधा जुड़ा है, आदिवासी समुदाय प्रकृति पर निर्भर है जल जंगल जमीन से उनका सीधा जुड़ाव है, वे आगे कह रहे हैं कि अगर जंगल से या वनोपज से आदिवासी समुदाय को दूर कर दिया जाए तो आदिवासी समुदाय का जिन्दा रहना मुश्किल हो जायेगा, महुआ से लोग खाने में लाटा, हलुआ, और बिस्किट भी बनाते है है जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभदायक है.

Posted on: Apr 03, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA SINGH MARAVI