कविता : वर्षा बाहर सबके मन को लुभा रही है...
ग्राम पंचायत-बोरंड, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से संगीता यादव एक कविता सुना रही है:
वर्षा बाहर सबके मन को लुभा रही है-
नभ में छटा अनोखी घनघोर छा रही है-
बिजली चमक रही है बादल गरज रहें है-
पानी बरस रहा है झरनें भी बह रहें है-
चलती हवा हैं ठंडी हलती है झाड़ियो से-
वर्षा बाहर सबके मन को लुभा रही है...
