जब फूलवा के डारी हाथों में बा...भोजपुरी गीत
ग्राम-सोरमरवाह, थाना-मनेर, जिला-पटना (बिहार) से शिवनाथ कुमार यादव एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं:
जब फूलवा के डारी हाथों में बा-
फूल कागज के बना के का होई-
जो खिल ना सके मुरझा न सके-
ओहके हार बना के का होई-
मंदिर मस्जिद काशी काबा-
जब आपन देवता घर ही में बा-
तब धाम में जाके का होई-
जवन आँधी बरसात सह ना सकी-
फूल कागज के बना के का होई...
