खरगोश और कछुए की कहानी -
ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से शिवम कुमार एक कहानी सुना रहे हैं : एक खरगोश था और एक कछुवा, एक बार दोनों में दौड़ हुई, खरगोश तेजी से दौड़ा और आगे निकल गया, उसने पीछे मुड़कर देखा कछुआ बहुत पीछे था, यह देखकर खरगोश सोचा थोड़ी देर आराम कर लेता हूँ, वह पेड़ के नीचे लेट गया और उसे नींद आ गई, कछुआ लगातार चलता रहा और पहले रेस पूरी कर जीत गया, और खरगोश सोता ही रह गया, इससे सीख मिलती है जो निरंतर बिना रुके अपने काम में लगे रहते हैं, उसकी जीत होती है | हमें अपनी प्रारम्भिक सफलता पर बहुत गर्व नहीं करना चाहिए जो हमारे सर चढ़ जाए
