कोई नहीं पराया मेरा, घर सारा संसार है...कविता -

ग्राम-तिरकादंड, विकासखंड-चारामा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से शशि मंडावी एक कविता सुना रही है:
कोई नहीं पराया मेरा-
घर सारा संसार है-
मैं न बंधाऊं देशकाल की-
जंग लगी जंजीर में-
मैं न खड़ा हूँ जात पात की-
ऊँची नीची भीड़ है-
मैं बस कहता हूँ जात पात की-
ऊँची लगी भीड़ में-
कोई नहीं पराया मेरा...

Posted on: Jan 02, 2018. Tags: SHASHI MANDAVI SONG VICTIMS REGISTER