फूल बनकर खिलेंगे चमन लिए...गीत-
सीजीनेट के सांथी सतनारायण सिंह अपने सांथी मानकुमार, फूल कुमारी, कलावती, और शांति के सांथ एक गीत सुन रहे हैं :
फूल बनकर खिलेंगे चमन लिए-
चांद सूरज बनेंगे गगन के लिए-
इतने सूरज है गगन के लिए-
चमन बन के लिए-
फूल फूलती है गगन के लिए-
चांद सूरज बनेंगे गगन के लिए...
