जीवन कर डोंगा हिले ला डुलेला...गीत-
बलराम (छत्तीसगढ़) से संध्या खलको एक गीत सुना रही हैं:
जीवन कर डोंगा हिले ला डुलेला-
नदी किनारे-
ओही जीवन डोंगा मोर इशु है के-
ओही जीवन डोंगा मोर मसीह है के-
ओही जीवन हारा मोर मोर इशु है के-
कैसे चली जाबो माई सरगे रात-
का तै डोर दसे ला...
