झल झल झलके माया रे, निवा चवरा...गोंडी गीत

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (नई दिल्ली) से सामराव उइके एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
झल झल झलके माया रे, निवा चवरा-
कोटी कोटी दंडो से मुजरा पेरसा पेन मावा साजरा-
होरो पाटा रे, धन्य गावा, ना लूँ सगा न ठिकाने मावा-
बगा तुड़ा मावा निवाय, निवा चवरा-
ना लुंगे कोनकुने ना लुंगे झेडांग ना डूमें मंता गा बुरी मुंडा-
बता सो बता धर्मं मावा ये-
सात सी आठ डांग नौ से बे ताल तैतीस कोटी पेन के मावा...

Posted on: Mar 23, 2018. Tags: SAMRAV UIKEY