किसान स्वर : कोदो सुगर रोगियों के लिए बहुत उपयोगी-
ग्राम-तरहुल, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़ ) से रामाराम चुरिया कोदो के फसल के बारे में जानकारी दे रहे हैं, वे बता रहे हैं कि कोदो की खेती करने के लिए तीन बार जोताई की जाती है उसके बाद बीज की बुआई की जाती है, ये हरेली त्यौहार के समय बोया जाता हैं, फसल के बढ़ने, पकने के बाद कटाई कर उसकी मिसाई की जाती है, इस सब के बाद उसे मिट्टी के जाता से दरते हैं, तब जाकर उसका चावल प्राप्त होता है, फिर उसे साफ़ कर बेचने के लिए तैयार कर लेते हैं, सुगर रोग के लिए कोदो उपयोगी है, सुगर के रोगी कोदो के चावल का उपयोग भोजन में करते हैं |

