रंग रंगीले कितने सारे फूल खिले बगिया में प्यारे...कविता-
प्रतापगढ़ (उत्तरप्रदेश) से प्रियांश एक कविता सुना रहे हैं:
रंग रंगीले कितने सारे-
फूल खिले बगिया में प्यारे-
इनकी खुशबू बड़े निराली-
इन पर घूमे तितली प्यारी...(AR)
Posted on: Apr 14, 2021. Tags: POEM PRATAPGARH PRIYANSH UP
मछली जल की रानी है...कविता-
जिला-प्रतापगढ़ (उत्तरप्रदेश) से प्रियांश एक कविता सुना रहे हैं:
मछली जल की रानी है-
जीवन उसका पानी है-
हाँथ लगाओ डर जायेगी-
बाहर निकालो मर जायेगी...(AR)
Posted on: Mar 24, 2021. Tags: POEM PRATAPGARH PRIYANSH KUMAR UP
मछली जल की रानी है...कविता-
जिला-प्रतापगढ़ (उत्तरप्रदेश) से प्रियांश कविता सुना रहे हैं:
मछली जल की रानी है-
जीवन उसका पानी है-
हाँथ लगाओ तो डर जायेगी-
बाहर निकालो तो मर जायेगी...(AR)
Posted on: Mar 18, 2021. Tags: POEM PRATAPGARH PRIYANSH UP
रंग रंगीले इतने सारे...कविता
जिला-प्रतापगढ़ (उत्तरप्रदेश) से प्रियांश कविता सुना रहे हैं:
रंग रंगीले इतने सारे-
फूल खिले बगिया में प्यारे-
इनकी खुशबू बड़ी निराली-
इन पर घूमे तितली प्यारी...(AR)
Posted on: Mar 17, 2021. Tags: POEM PRATAPGARH PRIYANSH UP
सिसकत आवत होही भईया मोर...गीत-
ग्राम-कुटानी बम्हनी पारा, ब्लाक-वाड्रफ नगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से प्रियंका मार्को एक गीत सुना रही हैं:
सिसकत आवत होही भईया मोर-
छाइया मा डोलहा ले हों अगोर-
बहुत पिरोवत होही मईके पईन मोर-
रो रो खोजत होही खोरन खोर-
सिसकत आवत होही भईया मोर... (AR)
