आज के युवा हमारी रीति नीति, देवी देवता को नहीं मानते, इसका क्या करें कुछ समझ नहीं आता...
ग्राम-वटीन टोला, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम अटाला के साथ में प्रभुराम मंडावी हैं जो बता रहे है कि पहले बुजुर्ग लोग के पीछे हम लोग जुड़े थे उनकी बात मानते थे लेकिन आजकल गाँव में गली का साफ सफाई भी नहीं है उसी तरह से देवी देवता की जगह भी गंदी है सफाई कर देंगे तो उससे देवी देवता भी खुश हो जायेंगे और आशीर्वाद देंगे। आदिवासियों के तो देवता धामी ही असली सहयोग करने वाला है. माता पिता ने जन्म दिया है और वे बुजुर्ग इस व्यवस्था को बताते है लेकिन आज की युवा पीढ़ी यह सब मानती नहीं है वे कहते है कि मैं उस देवता को नहीं जानता, मानता तो इसके लिए क्या करना चाहिए समझ में नहीं आता. उत्तम@7354620356.

