कोयल के बोली बोलत बाटे कऊआ जरुर कोई बात बा...कविता
साहेबगंज मुजफ्फरपुर बिहार से प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच के कवि महेश ठाकुर चकोर एक कविता सुना रहे हैं:
कोयल के बोली बोलत बाटे कऊआ जरुर कोई बात बा-
विचार करी रऊआ जरुर कोई बात बा-
दुश्मन रहल जे कहत हवे भईया-
नईया डुबावल उहे वा खेवईया-
मालिक ढ़ोवात धके-
माथ पर खड़ऊंआ जरुर कोई बात बा-
विचार करी रऊंआ जरुर...
