मजधार में मै अटकी बेडा पार करो माँ...भजन गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से समीर सिदार एक भजन गीत सुना रहे हैं :
करती हूँ तुम्हारा ब्रत मै, स्वीकार करो माँ-
मजधार में मै अटकी बेडा पार करो माँ-
हे माँ संतोषी, माँ संतोषी-
बैठी हूँ बड़ी आशा से तुम्हारे दरबार पे-
क्यों रोई तुम्हारी बेटी ये संसार में-
पलटा दो मेरी भी किस्मत चमत्कार करो माँ-
मजधार में मै अटकी बेडा पार करो माँ...
Posted on: Jun 06, 2019. Tags: CG RAIGARH SAMIR SIDAR SONG VICTIMS REGISTER
हरी ने हरी को चर गया, कि हरी गया हरी पास...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कविता सुना रहे हैं :
हरी ने हरी को चर गया, कि हरी गया हरी पास-
की हरी को देख हरी भाग गया, कि हरी मन हुआ उदास-
हरी देख हरी पास गया, हरी मन हो गया उल्लास-
हरी देख हरी ने सूत गया, हरी मन हो गया उदास-
हरी ने हरी को ले उड़ा, हरी गया समंदर पार-
हरी ने हरी से जा भिड़ा, हरी ने हरी का किया उद्दार-
हरी देख हरी गया हरी के पास, हरी को हरी न मिला...
Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मन की वीणा से गुंजित ध्वनी मंगलम...स्वागत गीत-
ग्राम-महेशपुर,पोस्ट-लटोरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सावित्री यादव एक स्वागत गीत सुना रही हैं :
मन की वीणा से गुंजित ध्वनी मंगलम-
स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम-
कैसा पावन सुहावन समय आज है-
आप आये अतिथियों में सरताज है-
देव की भाति पूजन करें आज हम-
मन की बगिया से हमने कलियाँ चुनी...
Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG SAVITRI YADAV SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER WELCOME
बघवा के सवारी में तै चले आबे मईया ओ...देवी गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से समीर सिदार एक देवी गीत सुना रहे हैं :
बघवा के सवारी में तै चले आबे मईया ओ-
कलकत्ता के काली ला सुमरो-
डोंगरगढ़ बमलाई-
सम्मलपुर समलाई ला सुँमिरो-
सम्मालपुर समलाई-
बघवा के सवारी में तै चले आबे मईया ओ...
Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG RAIGARH SAMIR SIDAR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : चर्म रोग नाशक तेल बनाने का घरेलू तरीका-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी चर्म रोग नाशक तेल बनाने का घरेलू तरीका बता रहे हैं| नीम की पत्ती 250 ग्राम, गवार पाठा 250 ग्राम, हल्दी 2 चम्मच, कपूर 2 नग, करंज का तेल 500 ग्राम ले| करंज के तेल में सभी को डालकर पकायें| जब सभी जल जाये, तो ठण्डा कर छानकर सीसी के रख लें| ग्रषित स्थान को पहले नीम की पानी से साफ कर सुखा लें| दिन में तीन बार रुई से लगायें| आराम मिल सकता है| धोने के लिये गौ मूत्र का उपयोग कर सकते हैं| बैगन, चना, मटर, मसूर की दाल, उड़द दाल, गुड़, भुजी मछली, सेम का प्रयोग न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
