सफलता क्या है ?

सफलता क्या है ? 4 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते। 8 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने घर वापिस आने का रास्ता जानते है। 12 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने अच्छे मित्र बना सकते है। 18 वर्ष की उम्र में मदिरा और सिगरेट से दूर रह पाना सफलता है। 25 वर्ष की उम्र तक नौकरी पाना सफलता है। 30 वर्ष की उम्र में एक पारिवारिक व्यक्ति बन जाना सफलता है। 35 वर्ष की उम्र में आपने कुछ जमापूंजी बनाना सीख लिया ये सफलता है। 45 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपना युवावस्था बरकरार रख पाते हैं। 55 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी करने में सक्षम हैं। 65 वर्ष की आयु में सफलता है निरोगी रहना। 70 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप आत्मनिर्भर हैं किसी पर बोझ नहीं। 75 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आप अपने पुराने मित्रों से रिश्ता कायम रखे हैं। 80 वर्ष की उम्र में सफलता यह है कि आपको अपने घर वापिस आने का रास्ता पता है। और 85 वर्ष की उम्र में फिर सफलता ये है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते।

Posted on: Jul 03, 2019. Tags: CG HD GADHI RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : बच्चा दानी में होने वालो गांठ या रचैली का घरेलू उपचार-

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी महिलाओं को बच्चा दानी में होने वालो गांठ या रचैली होने की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं| कचनार की छाल 250 ग्राम, गूलर या डूमर का फल 250 ग्राम, गिलोय 250 ग्राम लेकर सभी को साफ कर, पीसकर चूर्ण बना लें, और सुरक्षित रख लें | 2 चम्मच चूर्ण 4 कप पानी में उबालें, जब उबलकर एक कप रह जाये| उसे कपडे से छानकर गुनगुना रहने पर चाय जैसे भोजन करने के एक घंटे पहले सेवन करें| दिन में दो बार दवा का सेवन करें| एक माह तक दवा का सेवन कर सकते हैं| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गाँधी@9111061399.

Posted on: Jul 03, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : हाजमा चूर्ण बनाने का घरेलू तरीका-

ग्राम-रहेंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा हाजमा चूर्ण बनाने का घरेलू तरीका बता रहे हैं| त्रिफला आधा पाव, सौंफ 50 ग्राम, जीरा 50 ग्राम, सफ़ेद नमक और काला नमक दो तोला, नौसादक और हींग आवश्यकतानुसार लें| सभी पीसकर चूर्ण बना लें| भोजन के बाद थोड़ा सा चूर्ण सेवन करें| लाभ हो सकता है| गरिष्ठ, मसालेदार भोजन का प्रयोग कम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क करें : चंद्रकांत शर्मा@9893327457.

Posted on: Jul 01, 2019. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER

उखड़ती साँसों को, वो अक्सर संभाल लेता है...कविता-

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी चिकित्सक दिवस पर एक कविता सुना रहे हैं :
उखड़ती साँसों को, वो अक्सर संभाल लेता है-
अच्छे अच्छों को, मौत के मुँह से निकाल लेता है-
न वो हिन्दू देखता है, न कभी मुसलमान देखता है-
खुदा का बंदा है वो, हर शख्स में बस इंसान देखता है-
जख्म कितना भी गहरा हो, वो हिचकिचाता नहीं कभी-
घाव की गंदगी देखकर, वो सकुचाता नहीं कभी...

Posted on: Jul 01, 2019. Tags: CG HD GANDHI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

जीवन सुधर गया...काहानी-

मुंबई से दूर गाँव में एक किसान रहता था| जिसका नाम किसनलाल था| उसका एक लड़का था| नाम बिसनलाल था| वह सुंदर और होशियार था| हाल ही में उसने बारहवीं कक्षा पास किया था| एक दिन उसने अपने दोस्तों के साथ मुंबई देखने जाने का प्लान बनाया| सभी ने अपने माता-पिता जाने के लिये पूछा| घर वालों ने मना किया| तब सभी बिना बताये अपने-अपने घरों से पैसे चुरा कर, टिकट कटाकर मुंबई पहुंच गये| स्टेशन में लोगों की भीड़ में बिसनलाल अपने साथियों से बिछड़ गया| वह अपने साथियों को ढूंढा लेकिन वे नहीं मिले| वहां उसे एक साथी मिला| उसने बिसनलाल को काम दिला में दिया| उसे रहने के लिए जगह भी मिल गया| इधर उसके साथी गाँव वापस आ गये| बिसन के माता-पिता उसके बारे में पूछने लगे| बच्चो ने बताया साथ में गये थे लेकिन वह स्टेशन में हमसे बिछड़ गया| ये सुनकर उनके माता-पिता बहुत रोये और कुछ वर्ष बाद उनका देहांत हो गया| एक दिन बिसन को अपने घर की याद आई और वह छुट्टी लेकर गाँव वापस आया| माता-पिता को न देख वह बहुत दुखी हुआ| वह अपने दोस्तों से मिला, सबका हाल पूछा| फिर अपना सब कुछ बेच कर, वापस चला गया| माता-पिता रहे, लेकिन जीवन सुधर गया|

Posted on: Jun 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

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