गिरजा के नंदन पहली है वंदन...भजन गीत-
जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से मुकेश राजपूत एक भजन गीत सुना रहे हैं :
गिरजा के नंदन पहली है वंदन-
रामकथा में आओ महाराज-
हरी कीर्तन में आओ महाराज-
चरण विजय प्रभु मोर विनय करबे-
राम के भक्ति ला मा हृदय माँ धरले-
बड़े बड़े ऋषिमुनी गावत हवय तोर गुनी...
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: BHAJAN SONG CG MUKESH RAJPOOT MUNGELI
हमारे गांव का हैंडपंप खराब है, बोलने पर भी कोई ध्यान नहीं देते है, कृपया मदद करें...
ग्राम पंचायत-लहीखुर्द, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश कुमार गुप्ता बता रहे हैं कि , उनके गांव के हैण्डपंप की पाईप फुट गयी है, लोगों को पानी पीने के लिए बहुत ही दिक्कत होती है, PHE विभाग आये थे, दोनों पाईप निकल कर के ले गयें इसके लिए उन्होंने सी एम् हेल्पलाइन में शिकायत कियें है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई है, इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है, दियें गये नंबरों पर बात करके हैण्डपंप सुधरवाने में मदद करें: P.H.E@9165546825, संपर्क@9770835941.(185012)
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: MP RAMESH KUMAR GUPTA REWA WATER PROBLEM
वनांचल स्वर: जंगल में हर्रा, बहेड़ा, चिरोंजी, बांस, साल, इत्यादि पेड़ पाए जाते हैं...
ग्राम-हाटकर्रा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से भोलाराम पटेल बताते हैं कि उनके गाँव से 3 किलोमीटर दूर 6 किलोमीटर की घाटी है। वहां एक मंदिर भी है जहां लोग दर्शन के लिए आते हैं। इस घाटी के अंत में तरांदुल गाँव है। रायपुर, भिलाई तक के लोग यहाँ घूमने आते हैं। घाटी के आस पास के जंगल क्षेत्र से आदिवासी समाज को लाभ है। जंगल में हर्रा, बहेड़ा, चिरोंजी, बांस, साल, इत्यादि पेड़ पाए जाते हैं। सम्पर्क@7722929429.
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: BHOLA RAM CG KANKER VANANCHAL SWARA
हमसे का भूल हुई जो ये सज़ा हमका मिली...गीत-
मटिया आलम, निबुआ नारंगिया, जिला-कुशीनगर, उत्तरप्रदेश से सुकई कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
हमसे का भूल हुई जो ये सज़ा हमका मिली-
अब तो चारों ही तरफ़ बंद है दुनिया की गली-
हमसे का भूल हुई जो ये सज़ा हमका मिली-
दिल किसी का न दुखे हमने बस इतना चाहा-
पाप से दूर रहे झूठ से बचना चाहा...
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: KUSHINAGAR SONG SUKAI KUSWAHA UP
मोर छत्तीसगढ़ के माटी...गीत-
जिला-मुंगेली, छत्तीसगढ़ से मुकेश राजपूत एक गीत सुना रहे हैं, जिसके बोल हैं, “मोर छत्तीसगढ़ के माटी” |
मोर छत्तीसगढ़ के माटी-
तोला कतका करो मै हा चार-
इंहा के माटी हा चंदन बने हे-
ऋषि मुनि के माथा मा लगे हे-
सुर के संग संग गीत साजे हे-
मया के डोरी मा सबो बंधे हे... (AR)
