मचिया मा बैठी है सासू...सोहर गीत-
ग्राम-नोनारी, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) अखिलेश कुमारी एक सोहर गीत सुना रही हैं:
मचिया मा बैठी है सासू-
जो इंद्र मनवाय जो इंद्र मनावय हो-
हो इंद्र जाई के बरसय-
गोकुल बीच चली गंगा हो-
हो चली जाने हो-
केकर भिजती मटुकिया-
केकरा बीर चंदन हो...
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
लैय के कितबिया घर से चालू...गीत-
डोंगर कॉलोनी, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से संगीता देवी एक गीत सुना रही हैं:
लैय के कितबिया घर से चालू-
स्कूल की रास्ता भूल गयी-
स्कूल में जाकर किताब खोलू-
पेपर देने को भूल गये...
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: MP REWA SANGEETA DEVI SONG VICTIMS REGISTER
हैण्डपंप से पानी पर्याप्त नहीं निकलता पानी की समस्या होती है...
ग्राम-बीरपुर, ब्लाक-जवा जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रामाश्रय बता रहे हैं, स्कूल के पास उनकी बस्ती है जहाँ पर एक हैण्डपंप लगा है जिसमे पर्याप्त पानी नहीं निकलता है, उनका कहना है उसमे पाईप की कमी है और वासर ख़राब है, ये दोनों चीजें लगा दिया जाये तो समस्या ठीक हो सकती है, निवासी सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें, जिससे लोगो को पीने का पानी मिल सके| PHE@7047603066, 9425173278. संपर्क नंबर@9179241525.
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: MP PROBLEM RAMASHRAY REWA SONG VICTIMS REGISTER
शुभ घडी आई सुमंक सुनाबा...शादी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक शादी गीत सुना रही हैं:
शुभ घडी आई सुमंक सुनाबा-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
चूनर में इनके सुंदर बनाबा-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
आज अपन हैं कल होईहयें पराई-
गईल पईन कर बहुत याद आई-
सईयां से मिल के फार्मूला बताईहयें-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
सखी सुकुमारी हैं बहुतये मिजाजी-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
शुभ घडी आई सुमंक सुनाबा-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा...
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
बीच मा दुर्गा बिराजे बगल से गंगा बहत हैं...देवी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक देवी गीत सुना रही हैं:
बीच मा दुर्गा बिराजे बगल से गंगा बहत हैं-
गंगा बहत हैं रामा गंगा बहत हैं-
ओही बगलिया मा मलिया का डेरा-
फूलबा चढ़ाबये दिन रात बगल से गंगा बहत है-
ओही बगलिया मा कोंहरा का डेरा-
कलशा उतारये दिन रात बगल से गंगा बहत है-
ओही बगलिया मा सोनरा का डेरा-
बिंदिया चढ़ाबये दिन रात बगल से गंगा बहत है-
बीच मा दुर्गा बिराजे बगल से गंगा बहत हैं...
