सोना कहे सोनार से क्या खैचेगा मोय... दोहा
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडीयारी एक दोहा सुना रहे है:
सोना कहे सोनार से क्या खैचेगा मोय-
एक दिन ऐसा आयेगा मै खैचूंगा तोय-
अर्थात : सोना को सोनार खीचते हुए देखता है, तो सोना अपने मन में कहता है तू क्या मुझे खिचेगा, मैं एक दिन तुझे ऐसा खैचूंगा कि तू इस सृष्टि में फिर आ भी ना सकेगा...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG HINDI KANAHIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : आक के पत्ते से शुगर का उपचार-
ग्राम-सारई पाली, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से शिवचरण जो गौरमुडी गाँव के निवासी हैं मधुमेह का उपचार बता रहे हैं, शिवचर शुगर रोगी हैं और शुगर के इलाज के लिये आक के पत्ते का उपयोग करते हैं, आक के पत्ते को लेकर रात में सोते समय पैर के तल में लगाकर सोते हैं, इससे उनका शुगर लेबल सामान्य हो जाता है, इससे आंख का धुंधला दिखाना भी ठीक हो सकता है, ये तरीका अपना करा लाभ लिया जा सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क जानकारी लिया जा सकता है : संपर्क नंबर@ 9993891275.
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: RAIGARH CG SHIVCHARAN SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
बेटी ओ बेटी ओ तैय मोर कोरा के बेटी, तोला 10 महीना पेट मा धर...बेटी पर छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी बेटी के उपर एक कविता सुना रहे हैं: मोर कोरा के बेटी-
बेटी ओ बेटी तैय मोर कोरा के बेटी-
तोला 10 महीना पेट मा धर-
तोला जन्म दे के बेटी मैं हा दुसर जन्म पाए ओं-
मोर कोरा मा धरी के तोला-
मोरच गोरस पियाए ओं-
छोटे ले बड़े करके तोला-
स्कूल कालेज भेजवाए हो ...
Posted on: Aug 30, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI CHILD GIRL KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मकड़ी रानी, मकड़ी रानी मेरे घर तुम ना आना... बाल गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल एक बाल गीत सुना रहे है:
मकड़ी रानी, मकड़ी रानी मेरे घर तुम ना आना-
मेरे घर आँगन में आकर जाला ना बनाना-
बड़ी महंगी पड़ती है तेरा आना जाना-
रोज रोज पड़ता है तेरा जाला गिराना-
बहुत डर लगता है तुम से मेरे घर में तुम्हारा रहना-
बच्चे भी डर जाते है पड़ता है उनको रोना-
जहर तुम फैलाती हो काम तुम्हारा घाव बनाना-
डॉक्टर के घर जाना पड़ता है, पैसा पड़ता है लुटाना-
मकड़ी रानी,मकड़ी रानी मेरे घर तुम ना आना !!
Posted on: Aug 29, 2018. Tags: CHHATTISGARH HINDI KANAHIYA LAL POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
उत्तर दक्षिण पूरब पक्षिम, प्रमुख दिशाएं हैं चार, पर दसो दिशाओं में मचा हुआ है हाहाकार...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
उत्तर दक्षिण पूरब पक्षिम, प्रमुख दिशाएं हैं चार-
पर दसो दिशाओं में मचा हुआ है हाहाकार-
सुकून ढूंढने को निकला, सुकून तो दुनिया से है काफूर-
थका मांदा आशियाना आया तो देखा कलह का बजता नुपूर-
कानो को दबाकर वहां से निकला तो बाहर मारपीट अफरा तफरी-
उत्तर में गया नक्सलियों का दबदबा-
दक्षिण में गया तो आतंकवादियों का बोल बाला...
