यह बात समझ में आई नही, और मम्मी ने समझाई नही...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया कविता सुना रहे है:
यह बात समझ में आई नही-
और मम्मी ने समझाई नही-
मै कैसे मीठी बात करू, अब मीठी चीजें खाएं नही-
आपा भी पकाती है हलवा, वह आखिर क्यों हलवाई नही-
भाया की मंगनी हो गई कल, क्यों कल ही दुल्हन मंगवाई नही-
यह बात समझ में आई नही...
Posted on: Aug 31, 2017. Tags: KAILASH POYA
एक बच्ची स्कूल नहीं जाती, बकरी चराती है, वह लकडियां बटोरकर घर लाती है...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया श्याम बहादुर नम्र की एक कविता सुना रहे है:
एक बच्ची स्कूल नहीं जाती, बकरी चराती है-
वह लकडियां बटोरकर घर लाती है-
फिर मां के साथ भात पकाती है-
एक बच्ची किताब का बोझ लादे स्कूल जाती है-
शाम को थकी मांदी घर आती है-
वह स्कूल से मिला होमवर्क मां-बाप से करवाती है-
बोझ किताब का हो या लकडी का-
बच्चियां ढोती हैं-
लेकिन लकडी से चूल्हा जलेगा-
तब पेट भरेगा-
लकडी लाने वाली बच्ची यह जानती है-
वह लकडी की उपयोगिता पहचानती है-
किताब की बातें कब किस काम आती हैं-
स्कूल जाने वाली बच्ची-
बिना समझे रट जाती है-लकडी बटोरना,
बकरी चराना और मां के साथ भात पकाना-
जो सचमुच घरेलू काम हैं-
होमवर्क नहीं कहे जाते-
लेकिन स्कूलों से मिले पाठों के अभ्यास-
भले ही घरेलू काम न हों-
होमवर्क कहलाते हैं-
कब होगा जब किताबें-
सचमुच होमवर्क से जुडेंगी-
और लकडी बटोरने वाली बच्चियां भी-
ऐसी किताबें पढेंगी...
Posted on: Aug 30, 2017. Tags: KAILASH POYA
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के, अब अँधेरा जीत लेंगे, लोग मेरे गाँव के...गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक जागृति गीत सुना रहे हैं :
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के-
अब अँधेरा जीत लेंगे, लोग मेरे गाँव के-
पूछती है झोपड़ी और, पूछते है खेत भी-
कब तलक लूटते रहेंगे, लोग मेरे गाँव के-
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के-
बिन लड़े कुछ भी नही मिलता यह जानकर-
अब लड़ाई लड़ रहे है, लोग मेरे गाँव के – लाल सूरज अब उगेगा, देश के हर गाँव में-
अब इकट्टा हो चले है, लोग मेरे गाँव में...
Posted on: Aug 30, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
जय-जय सुमिरो फडापेन, सुमिरो जय फडापेन...गोंडवाना धर्म गीत -
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक बड़ादेव सुमिरन गीत सुना रहे है :
जय-जय सुमिरो फडापेन,सुमिरो जय फडापेन-
तुमको निस दिन दहावे, शरणा में फडापेन-
जय-जय सुमिरो, पड़ा पेन, सुमिरो जय फडापेन-
आदि अनादी, अभी चल अविनाशी-
सेवा अभी चल अविनाशी-
जय जय सुमिरो,फडापेन, सुमिरो जय फडापेन...
Posted on: Aug 28, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
जय सेवा जय सेवा बोल मोर भाई रे, जय सेवा जय सेवा बोल...गोंडवाना गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़ ) से कैलाश सिंह पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहें है :
जय-सेवा, जय-सेवा बोल मोरे भाई रे-
जय सेवा है मंत्र हमार रे गोंडवाना का प्यारा नारा-
अब हमको सबको बताना मेरे भाई रे-
बड़ादेव की लीला न्यारी रे-
अंधकार भगा है भाई रे – गोंडीयन राज बनाना मेरे भाई रे-
गोंडों का राज बनाना मेरे भाई रे...
