यह बात समझ में आई नही, और मम्मी ने समझाई नही...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया कविता सुना रहे है:
यह बात समझ में आई नही-
और मम्मी ने समझाई नही-
मै कैसे मीठी बात करू, अब मीठी चीजें खाएं नही-
आपा भी पकाती है हलवा, वह आखिर क्यों हलवाई नही-
भाया की मंगनी हो गई कल, क्यों कल ही दुल्हन मंगवाई नही-
यह बात समझ में आई नही...
