आया वायरस कोरोना...गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व कोरोना वायरस पर एक गीत सुना रहे हैं:
आया वायरस कोरोना-
देखो आया वायरस कोरोना-
किसी को सर्दी, खासी, ज्वर हो-
साँस लेना भी दूभर, साँस लेना भी दूभर-
व्यर्थ समय न खोना जल्दी डॉक्टर को दिखाना-
हो जरुरी बाहर जाना-
सभा कही न बड़ी जुटाना, साबुन से हाथ धोना...
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
सांसो का चलना थम सा गया...गीत-
ग्राम-बाकुलवाही, पंचायत-बेलगाँव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से निर्मला मेघ्या, प्रियंका कोर्राम एक गीत सुना रहे हैं:
सांसो का चलना थम सा गया-
जीते जी मै मर ही गया मै ने-
तो अपना माना तुझे तूने पराया-
कर ही दिया रोये न थे नैना मेरे-
आंखिर तूने रुला ही दिया-
सांसो का चलना थम सा गया...
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: CG HARINAM NARANPUR SONG VICTIMS REGISTER MARKO
स्वास्थ्य स्वर : बालो से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल बालो से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं, कलौंजी 50 ग्राम, मेथी 50 ग्राम, भांगरा की पत्ती 50 ग्राम लें, तीनो को पीसकर चूर्ण बना लें, उसके बाद 200 ग्राम करंज के तेल में पकाकर छानकर सीसी में रख लें, उसके बाद प्रतिदिन सर में लगायें और 5 घंटे बाद साफ़ कर लें, एसा करने लाभ हो सकता है, नुस्खा उपयोग करने से पूर्व पूरी जानकारी लें : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : सर्प काटने पर क्या करें...
ग्राम-जुबानी कलार, तहसील, विकासखण्ड-फरसगाँव, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से सर्प काटने पर क्या करना चाहिये बता रहे हैं, यदि किसी को सर्प काटे तो उसे जीतनी जल्दी हो सके स्वास्थ्य केंद्र पहुचायें, बेहोसी आने वाली हो तब उसे द्रोण पत्ती की बूटी की रस दो पुटकी 5 ml दिन में तीन बार पिलायें, नाक में और नाभि में उसी रस को लगा दें, इससे लाभ हो सकता है, ठीक होने तक चिकित्सक की निगरानी में रखें, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9165992497.
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: CG HEALTH KONDAGAON RAMPRASAD NISAD SONG VICTIMS REGISTER
ये दुनिया एक माया नगरी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ये दुनिया एक माया नगरी-
यहाँ की खेल निराली-
जिसे तुम अपना समझो-
वही देती तुम्हे गाली-
इंसानों का लगा यहां मेला-
पर विष भरा फनकार-
मुख पर मीठी छूरी बांधे-
खोज रहे कोई बड़ा शिकार...
