स्वास्थ्य स्वर: कैथ (कबिट) औषधीय वृक्ष के गुण ...
जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय कैथ (कबिट) के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं:कैथ (कबिट): यह औषधि वृक्ष हमारे चारों ओर पाए जाने वाले पर्यावरण के में ही पाया जाता है, इसे स्वास्थ्य उपचार हेतु बड़े नर्सरी में लगाया जाता है, यह एक बड़े वृक्ष के रूप में होता है| पित्त समन (जलन) के लिए कैथ (कबिट) फल के मृदु (अंदर वाला भाग) में शक्कर मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है, इसके पत्तों के रस में दूध मिलाकर सेवन करने से पित्त समन में लाभ होता है, साँस लेने में दिक्कत है तो इसके फल के रस में लेंड़ी पेपर (पिपली) के चूर्ण मिलाकर शहद के साथ सुबह-शाम प्रतिदिन सेवन करने से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है| ये सभी अपने-अपने घरों में आसानी से कर सकते हैं.राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRASINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
सैनिक के घर जा कर मत कहना, संकेतों में समझा देना...देशभक्ति गीत
चिरौंजी लाल कुशवाहा ग्राम-राजापुर, तहसील-निवाड़ी, जिला टीकमगढ, मध्यप्रदेश से है उनकी बेटी जयंती कुशवाहा एक देशभक्ति गीत सुना रही है:
सैनिक के घर जा के मत कहना-
संकेतों में समझा देना-
जब हाल मेरी माता पूछे तो आँखों से नीर बहा देना-
आँखों से नीर बहा देना-
फिर भी मैय्या न समझे तो-
खाली गोद दिखा देना...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: JAYANTI KUSHWAHA MP SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: गूमा (द्रोण पुष्पी) के पौधे के औषधीय गुण...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हम सभी को गूमा या द्रोण पुष्पी के पौधे के औषधीय गुण बता रहे हैं: गूमा (द्रोण पुष्पी) का यह औषधीय पौधा हमारे प्राकृतिक वातावरण में ही हमारे आसपास पाया जाता है, यह औषधि आधे सिर दर्द होने पर (यह दर्द प्रातः काल से शुरू होकर दिन ढलने तक होता है) में काफी उपयोगी है यह तकलीफ होने पर गूमा के पत्ते के कर्क (काढ़ा) बनाकर कपाल (माथा) लेप करने से आराम मिलता है| इसके अतिरिक्त गूमा के पत्तों के रस को 1-1 बूंद नासिका में डालने से भी लाभ मिलता है, यह सरल एवं सुखद घरेलु उपचार है जो सभी कर सकते हैं बहुत प्रभावकारी होता है:वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 01, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : दाल मखाना के पौधे के औषधीय गुण...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय दाल मखाना के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं: दाल मखाना का पौधा अधिकतर तालाबों में मिलता है, इस पौधे की अधिकतम लम्बाई 2 फीट होती है इसकी पत्ती हल्की, लम्बी और चौड़ी होती है, जोड़ों में दर्द में इन पत्तियों को अच्छी तरह से पीसकर लेप करने से लाभ मिलता है, ताकत के लिए इसके बीजों के साथ कोंचबीज (फल) को शुद्ध करके चूर्ण बनाकर 3 ग्राम शक्कर या मिश्री के साथ मिला कर दूध के साथ सेवन करने से शक्ति मिलता है, कोंच के बीजो को गाय के दूध में गर्म करके शुद्ध किया जा सकता है, ये उपचार निशुल्क घर में बिना कोई पैसे दिए कर सकते हैं | संपर्क नम्बर@9424759941.
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : मुनगा वृक्ष के औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से राघवेन्द्र सिंह राय सहजना जिसे मुनगा भी कहते है, के औषधीय गुण बता रहे हैं, मुनगा को सब्जी के रूप में भी उपयोग करते हैं,
1- जिन व्यक्ति के कान में स्राव होता है, बहता है, वे सहजन के फूल को सुखाकर चूर्ण बना लें, और ग्रषित कान में एक चुटकी डाले इससे आराम मिल सकता है,
2- संधीबात, गठियावात, आमवात रोगो में इसके बीजो के तेल से मालिश करने से लाभ मिल सकता है, इसके अलावा क्वाक अर्थात काढा बना कर भी सेवन कर सकते हैं, यह स्वास्थ्य के लिए लाभ दायक है अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं :
संपर्क नम्बर@9424759941.
