नौ बजे के वक्त रात में, खो न देना बात बात में...कविता-
जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
नौ बजे के वक्त रात में-
खो न देना बात बात में-
मोमबत्ती दिये की रोशनी-
उज्जवल हो जिंदगी-
मोम बत्ती दिये की रोशनी हो-
उज्जवल निर्मल जिंदगी हो-
नौ पक्रमांक से लिप्त है मंगल...
Posted on: Apr 05, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
गलती करके सुधार ले वो सच्चा इंसान...दोहा-
सिवानी जिला-मरवाही (छत्तीसगढ़) से कमाता शर्मा एक कोरोना पर दोहा सुना रहे हैं:
गलती करके सुधार ले वो सच्चा इंसान-
गलती करके इतरा उठे वही बड़ा सैतान-
समझ समझ की समझ है समझ समझ की बात-
कोई माने विनय से कोऊ माने लात-
एसे से बचकर रहो जो फैलाते रोग-
भीड़ छोड़ घर में रहो, यही सही उपयोग-
भारत की जनता से पूछ रही सरकार-
बोलो इसी प्रकार से करोगे देश सुधार...
Posted on: Apr 04, 2020. Tags: CG KAMATA SHARMA MARWAHI POEM SONG VICTIMS REGISTER
ये क्या मुसीबत आ गया चारो तरफ सन्नाटा छा गया...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी कोरोना पर एक कविता सुना रहे हैं :
ये क्या मुसीबत आ गया चारो तरफ सन्नाटा छा गया-
वन उपवन में भी नहीं बसंत बाहर-
बसंत ऋतू राज में भी नहीं फूलो की हार-
आम चार महुवा तेंदू में नहीं बौर-
मानो सभी को हो चला लकवा का दौर-
अस्त ब्यस्त हो रहा धरा सभी बीतते है मरा मरा...
Posted on: Apr 03, 2020. Tags: CG CORONA KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
कोरोना वायरस से दिल डरने लगा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
दिल धक धक करने लगा-
कोरोना वायरस से दिल डरने लगा-
सुन समाचार सांसे उड़ने लगा-
आँखों के आगे अँधेरा छाने लगा-
दिलो दिमाग की नसे तन गयी...
Posted on: Apr 02, 2020. Tags: CG CORONA KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
सारी दुनिया आह कर रही कृपा करो जगदीश...कविता-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व राम नवमी के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं:
रावण के तो दस शीश थे कोरोना के हजारो शीश – सारी दुनिया आह कर रही कृपा करो जगदीश-
सस्त्रो से है नहीं सम्भव इस असुर से संग्राम-
घर बैठे सब मिलकर बोलो जय हो जय श्री राम-
सारे जग में मचा रहा है यह असुर कोहराम-
ऐसी कोई औषधि बने जो इसके लिये हो विष-
सारी दुनिया आह कर रही कृपा करो जगदीश-
रावण के तो दस शीश थे कोरोना के हजारो शीश...
