11 अप्रैल को जन्मे गीतकार और अभिनेता की कहानी...
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व गायक कुंदन दास सैगल के बारे में बता रहे हैं, आज के दिन 11 अप्रैल 1904 को जालंधर में गायक कुंदन दास सैगल का जन्म हुआ था, वे अपने समय में गायक और अभिनेता रहे, उन्होंने कई फिल्मो में काम किया और गीत गाये| उनकी फिल्मो में माई सिस्टर, साह्जहाँ, देवदास जैसी फिल्मे शामिल हैं, उनके गाने आज भी सुने जाते हैं, सैजल नशे के अदि थे इस कारण वे अधिक समय तक दुनिया में नहीं रह पाये, और 42 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया|
Posted on: Apr 11, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
न मै देख लो मोर इसु के...मसीह गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलको एक गीत सुना रही हैं:
न मै देख लो मोर इसु के-
न मै नीद लों मोर मसी से-
का हो गलेच मोके-
याद आबे इसु बार बार-
डूब डोंक में तोर याद आबे ला-
निराषा में भी तै आशा देबेच ला-
का हो गलेच मोके-
याद आबे इसु बार बार...
Posted on: Apr 11, 2020. Tags: BALRAMPUR CG SANDHYA KHALKO SONG VICTIMS REGISTER
दया दृष्टि होगी तो मुझको बचा लो...गीत-
कमल विहार, रायपुर (छत्तीसगढ़) से टिकई दास धार एक गीत सुना रहे हैं:
कोई माता होंगे तो दूध पिला दो-
दया दृष्टी होगी तो मुझको बचा लो-
एक माँ ने मुझको जनम दिये हैं-
दो दिन न हुये मुझे फेंक दिये हैं-
उस माँ को मै मै नहीं जानती-
इसीलिये उसे माँ नहीं मानती-
ऐसे कुकरमी माँ को जेल में सडा दो-
दया दृष्टी होगी तो मुझको बचा लो...
Posted on: Apr 10, 2020. Tags: CG HD GANDHI RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : नीम का औषधीय उपयोग-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल नीम का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, आँखों में खुजली और जलन होने पर 50 ग्राम नीम की पत्ती को मिट्टी के बर्तन में रखकर कंडे की आग में जलायें, जब जलकर राख हो जाये और ठण्डा हो जाये तब नीबू के रस में मिलाकर सुखा लें, उसके बाद उपयोग कर सकते हैं नुस्खा उपयोग करने से पहले पूरी जानकारी लें उसके बाद ही उपयोग करें : संपर्क नंबर@ 9826040015.
Posted on: Apr 10, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
न ये तोप के गोले रखते न बंदूक की गोलियां...कोरोना पर कविता-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
न ये तोप के गोले रखते न बंदूक की गोलियां-
यत्र तत्र सर्वत्र बिखरते स्वास्थ्य कर्मियों की टोलियाँ-
स्वास्थ्य कर्मी यदि पुरुष है तो वो वीर है-
यदि महिला है तो वीरांगना-
रोगी को निरोगी करने के लिये नींद भी पड़ा है त्यागना-
सैनिक रहते मैदानों में ये रहते अस्पतालों में-
न ये तोप के गोले रखते न बंदूक की गोलियां...
