लॉकडाउन के कारण रायगढ़ में फंसे हैं, कृपया मदद करें-
रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से मोहम्मद सैवुद्दीन बता रहे हैं कि वे जमशेदपुर झारखण्ड के निवासी हैं और वे लॉकडाउन में फंसे हैं, उन्हें खाने की समस्या हो रही है, साथ में 20 लोग हैं, वे सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि अधिकारियों से संपर्क कर खाने की व्यवस्था कराने में मदद करें, साथ ही उन्होंने बताया लॉकडाउन में घर में भी परेशानियां है, इसलिये वे सीजीनेट के माध्यम से सभी को घर पहुँचाने की बात सरकार तक पहुँचाने की अपील कर रहे हैं: संपर्क नंबर@7209519688. (165261)
Posted on: Apr 20, 2020. Tags: CG CORONA PROBLEM DHIRAJ YADUVANSI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
सबसे सुन्दर देश हमारा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सबसे सुन्दर देश हमारा-
उसके गोद में ऊँची ऊँची पहाड़ पर्वत-
इसकी पाँव पखारता प्रशांत हिन्द अरब सागर-
कल कल, कल कल नदिया बहती-
गंगा जमुना सरस्वती-
झरना कल कल नाद कर रही...
Posted on: Apr 20, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : सुजात सिकलिस, गिनोरिया का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी सुजात, सिकलिस, गिनोरिया का घरेलू उपचार बता रहे हैं, अलसी 100 ग्राम, मुलेठी 100 ग्राम लें, दोनों को मोटा दरदरा कूटकर सुरक्षित रख लें, उसके बाद मिट्टी के बर्तन में उबला पानी डालकर ढक दें, उसके एक घंटे बाद उसे छानकर रख लें और 25 ग्राम कलमी सोड़ा मिला लें, तीन तीन चम्मच काढ़ा दिन में 3 बार सेवन करने से लाभ हो सकता है| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Apr 20, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
अच्छा खा और अच्छा सोंच, त्याग दे शर्म संकोच...कोरोना पर कविता-
जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
अच्छा खा और अच्छा सोंच-
त्याग दे शर्म संकोच-
कल तक चेहरा खुल्ला था-
आज पहना ले वस्त्र-
कोरोना से युद्ध करने का-
यही तो है एक शस्त्र-
एक दूजे से दूर रहो मार न दे कहीं चोंच-
अच्छा खा और अच्छा सोंच-
त्याग दे शर्म संकोच...
Posted on: Apr 20, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
लेके बरखा बहिनी ला बादर भईया आवाथे...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी शंभूनाथ शर्मा की एक कविता सुना रहे हैं:
लेके बरखा बहिनी ला बादर भईया आवाथे-
रही रही के गर्जत घुमरत-
बिजली ला चमकावाथे-
सनन सनन झोका झूल झूल-
सर ला कैसन झुकथे-
झिंगरा बाबा पीपी पीपी मोहरी ला फुकठे...
