मम्मी और बेटी के बीच की वाद संवाद...
मम्मी बेटी से कहती है बेटी अब तुम लड़को से ज्यादा मटरगस्ती मत किया करो, तुम जवान हो चुकी हो, बेटी कहती है मम्मी इस उमर में मटरगस्ती नही करूंगी तो क्या बुढ़ापे में करूंगी-
मम्मी-अब तुम लड़को से ना मिला करो बदनामी होगी-
बेटी-आप भी तो अप्पू अंकल से पापा से छुप-छुपकर मिला करती हैं, क्या आपकी बदनामी नही होती है-
मम्मी-बेटी मै तो मम्मी बन चुकी हूँ, मेरा क्या है पर अभी तुम कवारी हो, तुम्हारी शादी तक नही हुई है-
बेटी-मम्मी मेरी भी शादी हो जाएगी, मै भी माँ बन जाउंगी आप चिंता किया ना करें-
मम्मी-बेटी तुमको कौन समझाए, तुम तो नासमझ, बड़ी जिद्दी हो-
बेटी-मम्मी आप भी तो मेरी उमर में बड़ी जिद्दी नासमझ रही होंगी, इसलिए तो मै भी आप की तरह हूँ-
मम्मी कोई जवाब नही दे पाती, दोनों चुप होकर अलग-अलग चले जाते हैं...
Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG KANAHIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : पशुओ में होने वाले घाव को ठीक करने का घरेलू नुस्खा-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता पशुओं में होने वाले घाव को ठीक करने का एक घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, अपामार्ग जिसे घोडमाठ भी कहते हैं, जो वर्षा ऋतु में होती है, उसकी जड़ी, पत्ती, डाली सभी को गुन्द्ध्वा रस्सी में बांधकर रोगी पशु के गले में बाँध दें, बाँधने वाल व्यक्ति बाद में स्पर्श न करे, तीन दिन तक रहने दें इससे लाभ हो सकता है, यह पौधा गाँव में आसानी से मिल जाता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : राजेंद्र गुप्ता@9993891275.
Posted on: Sep 21, 2018. Tags: CG HEALTH RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
सच्चाई को दीमक चाट गया, झूठा करे यहां राज...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी आज की समसामयिक परिस्थिति पर एक कविता सुना रहे हैं :
सच्चाई को दीमक चाट गया, झूठा करे यहां राज-
झूठों का पोल खुल गया, फिर भी नही आती उनको लाज-
शर्म हया को ताक में रखकर, करते है काम काज-
समाज के आँखों में धूल झोककर, नही जानता अपना समाज-
अपने ही आन बान में जो मस्त हो, उन्हें समाज से क्या लेना देना-
जो दुनिया को ठोकर मारता हो, वही तो लूट लेता है खजाना...
Posted on: Sep 21, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
एक तिल के लिए ही क्यों लड़ बैठे भाई...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
एक तिल के लिए ही क्यों लड़ बैठे भाई-
एक दिल को क्यों हम पटाते नही भाई-
दस दिल हो जाने पर भी हमें परवाह नही-
सौ दिल टूट जाएं तो भी हमें कोई गम नही-
हमारी भूख बढ़ती ही जाती है, भूख कब तक सहें-
हमारा वतन चला जा रहा है, सूखा कब तक सहें...
Posted on: Sep 20, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
आधा पेट खा के बेटा तोला भर पेट खवाएं गा...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
मोर दुलारू बेटा गा मोर दुलारू बेटा गा-
दस महिना कोख मा धरके तोला मै जन्मायों गा-
अपन लहू ला गोरस बनके तोला मै पियायों-
अपन जिन्दगी ला दांव लगाके तोर जिन्दगी ला सँवारे गा-
आधा पेट खा के बेटा तोला भर पेट खवाएं गा-
मोर बुढ़तकाल के सहारा होबे कहिके पातेयों गा...
