सबसे सुन्दर देश हमारा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सबसे सुन्दर देश हमारा-
उसके गोद में ऊँची ऊँची पहाड़ पर्वत-
इसकी पाँव पखारता प्रशांत हिन्द अरब सागर-
कल कल, कल कल नदिया बहती-
गंगा जमुना सरस्वती-
झरना कल कल नाद कर रही...
Posted on: Apr 20, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
अच्छा खा और अच्छा सोंच, त्याग दे शर्म संकोच...कोरोना पर कविता-
जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
अच्छा खा और अच्छा सोंच-
त्याग दे शर्म संकोच-
कल तक चेहरा खुल्ला था-
आज पहना ले वस्त्र-
कोरोना से युद्ध करने का-
यही तो है एक शस्त्र-
एक दूजे से दूर रहो मार न दे कहीं चोंच-
अच्छा खा और अच्छा सोंच-
त्याग दे शर्म संकोच...
Posted on: Apr 20, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
लेके बरखा बहिनी ला बादर भईया आवाथे...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी शंभूनाथ शर्मा की एक कविता सुना रहे हैं:
लेके बरखा बहिनी ला बादर भईया आवाथे-
रही रही के गर्जत घुमरत-
बिजली ला चमकावाथे-
सनन सनन झोका झूल झूल-
सर ला कैसन झुकथे-
झिंगरा बाबा पीपी पीपी मोहरी ला फुकठे...
Posted on: Apr 19, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
आँखों से गया नींद, तारे रह गया गिन...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
न होस रहा न जोश रहा-
आँखों से गया नींद, तारे रह गया गिन-
भूख गया प्यास गया देख धन की पिसलाई-
आँखों के आगे झूल रहा था, बुढ़ापा की परछाई-
हर दम याद आता रहता बीते पलो की याद-
घुट घुट कर रह जाता करके दुश्मनो की याद...
Posted on: Apr 19, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बूढी दाई बताईस हमला...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बूढी दाई बताईस हमला-
दसिया कूटे खानी-
छत्तीसगढ़ी महतारी जिनसे-
कहना आनी बानी-
भरे हे कतका सूपा सूपा-
बिछुवा झुमकी मुदरी...
