वनांचल स्वर: सरकार बेहतर से बेहतर पेड़ जंगल में लगा रही है ...
ग्राम- हाटकर्रा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला- उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुंवर सिंह पुजारी बीते सालों में वन संपदा में आने वाले बदलाव के बारे में बताते हैं। उन्होंने बताया कि पेड़ों की कटाई नहीं हो रही है। अब गांव वालों को लकड़ी मिलना भी बंद हो गया है और सरकार बेहतर से बेहतर पेड़ जंगल में लगा रही है। सरकार सागौन और नीलगिरी जैसे पेड़ों को लगवा रही है। प्रशासन सड़क बनाने के लिए कुछ पेड़ों की कटाई कर रहा है।
Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER KUWANR SINGH VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: हमें जंगले से सागौन, ईमली, आम आदि मिल जाता था...
ग्राम-धनेलीकन्हार, तहसील- कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुकार राम बताते हैं कि 20 साल पहले जंगल काफी अच्छा था। जंगल से फल-फूल भी अच्छे से मिल जाता था। जिस शासन को जंगल को संभालने की ज़िम्मेदारी मिली है वह अपना काम ठीक से नहीं करते। पहले जंगल से सागौन, ईमली, आम आदि मिल जाता था। शासन अब जंगल का घेराव कर रहा है, जिसके कारण इनमें से कुछ नहीं मिल पाता। अब जंगल से जलाने के लिए लकड़ी भी नहीं मिलती। सम्पर्क@6268921280. (185599) GT
Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER SUKAR RAM VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: उस सम्मेलन में अनुभव से भरे बुजुर्ग, ऊर्जा से भरे युवा...
ग्राम-धनेली (कन्हार), तहसील- कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार 15 मार्च को होने वाले महासम्मेलन के बारे में बता रहे हैं। उस दिन 15 मार्च को विधिवत ढंग से ग्राम गायता का चुनाव होना है। जिस प्रकार मुखिया और विधायक का चुनाव होता है, उसी प्रकार से गांव नीति का भी चुनाव होता है। उस सम्मेलन में अनुभव से भरे बुजुर्ग, ऊर्जा से भरे युवा, ममता से भरी माताएं उपस्थित रहेंगी। सम्पर्क@8839492918.(185588) GT
Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRENDRA KUMAR
वनांचल स्वर: जंगल देते स्वाद और स्वास्थय साथ साथ...
ग्राम-धनेली कनार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) प्रेमलाल कोमरा बताते हैं कि इमली के बीज को आग में भूंजकर उसमें महुए के फूल को डालकर पकाते हैं| तैयार हो जाने पर खाते हैं और बाज़ार ले जाकर बेच देते हैं| सरई के फूल को भी इमली के बीज की तरह भूंजकर उसमें महुइ के फूल को डाला जाता है, इसे मैंने भी खाया है| कांदा जो जंगल में पाया जाता है, इसे घर में नहीं रखा जाता है| कांदा स्वाद में बहुत कड़वा होता है, इसे भी पकाया जाता है, कांदा को अभी भी खाया जाता है| प्रेम लाल महुए के लड्डू के भी बारे में बताते हैं, महुए को सिलबट्टे या मिक्सी से पीसकर बनाया जाता है| ये सभी स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं जैसे इमली भूने हुए बीजों को खाने से पेट का मल साफ़ होता है|(RM)
Posted on: Feb 13, 2021. Tags: CG KANKER PREMLAL KOMRA VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: कोरोनकाल में जड़ी बूटी देकर की लोगों की मदद...
ग्राम-कराठी, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) वीरसिंह पड्डा बताते है की कोरोना महामारी में शहरों में उत्पन्न हुआ और लोगो में फैला। मैने सुबह शाम गिलोय, उषा और तुलसी पत्ती से जड़ी बूटी बनाकर पिया। मैने गांव के लोगो को मुफ्त गिलोय भी दिया। जंगल की हवा और पानी साफ है, शहर का प्रदूषित इस वजह से शहरों में ज्यादा फैला। गांव का हवा पानी जलवायु साफ है। जिस कारण यहां रहने वाले लोगो कि प्रतिरक्षा शक्ति अच्छी है। हम लोगों ने जड़ी बूटियों का संभाल कर इस्तेमाल किया। कई जड़ी बूटियां विलुप्त होने के कगार पर भी हैं जिसको बचाना मेरे अकेले के लिए मुश्किल है। जो लोग शहर से आए थे उनको भी इन जड़ी बूटियों से फायदा हुआ।(RM)
