ये दुनिया एक माया नगरी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ये दुनिया एक माया नगरी-
यहां की खेल निराली-
जिसे तुम अपना समझो-
वही देती तुम्हे गाली-
इंसानों का लगा यहां मेला-
पर भी पकड़ा उनका फनकार...
Posted on: Mar 28, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
कम्पनी गंदा पानी नदी में छोड़ती है, कही भी कूड़ा डालती , उचित कारवाही कराने में मदद करें...
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी बता रहे हैं कि लोग ऐसा मकान बनाये हैं कि कचड़ा फेकने के लिये जगह नहीं, गाड़ी रखने की जगह नहीं जहाँ पा रहे हैं वही कचड़ा डाल रहे हैं, कोई समझदारी नहीं है, नदी नाला तालाब में कूड़ा करकट डाल कर गंदा किया जा रहा है, तमनार में जिंदल कम्पनी द्वारा गंदा पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, केलो नदी में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है, ऐसा गंदगी करने वालो पर कारवाही क्यों नहीं हो रहा है इसलिये वे सभी से निवेदन कर रहे हैं उनका संदेश सरकार तक पहुँचाने में मदद करें ताकि उचित कारवाही हो सके: संपर्क नंबर@9981622548.
Posted on: Mar 27, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI PROBLEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चार जंगल में खोजे, नई मिले चार तेंदू पान...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चार जंगल में खोजे, नई मिले चार तेंदू पान-
पहाड़ पर्वत लागथे वीरान वीरान-
मौहारी में नई मिले डोरी महुवा-
पहले जब बिनत रहें जौहा-जौहा-
आमा बोराई में अब नई दिखे आम-
सब्बो हो गईस तहस नहस-
नई दिखे जाम...
Posted on: Mar 26, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चिंदी चिंदी कपड़ा, कर रहा बीच बाजार में लफड़ा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चिंदी चिंदी कपड़ा-
कर रहा बीच बाजार में लफड़ा-
करा रहा है झगड़ा-
जीतता वही जो तगड़ा-
मिनी कट अधनंगी-
वही फैला रही है गंदगी...
Posted on: Mar 25, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
नहीं कोई किसी का मम्मी पापा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
यहां लगा है आपा धापा-
नहीं कोई किसी का मम्मी पापा-
अपने आप हैं बड़े पापा-
किसी को कौन अलापा-
सभी चाहते अपना सम्मान-
सभी बनाना चाहते धन-
बनना चाहते धनवान...
