स्वास्थ्य स्वर : स्वस्थ रहने के उपाय...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय गीत के माध्यम से स्वस्थ रहने का उपाय बता रहे हैं:
निम्न पानी जो पिये, हर्र भूंज के खाये-
दूध बेयारी जो करे तो पागल बेद न जाये...
इसका अर्थ है दिन में सुबह उठकर पानी जो पीता है वो कई रोगों से मुक्त रहता है, हरण को भूनकर खाना स्वस्थ के लिये लाभदायक है, देर रात में भोजन नहीं करना चाहिये, दूध पीकर सो जाना चाहिये| (AR)
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VICTIMS REGISTER
पवित्र आत्मा मोर सहारा...गीत-
ग्राम-सुरेशपुर, ठेलूपारा, जिला-जशपुर (छत्तीसगढ़) से शशिकला तिग्गा एक गीत सुना रही हैं:
पवित्र आत्मा मोर सहारा-
आत्मा देले मोके समर्थ बेला-
जीवन देले मोके आशीष देला-
पवित्र आत्मा मोर सहारा-
आत्मा देले मोके समर्थ बेला-
जीवन देले मोके आशीष देला... (AR)
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: CG JASHPUR SHASHIKALA TIGGA SONG VICTIMS REGISTER
हैण्डपंप से ख़राब पानी निकलता है, नाला से पानी लाना पड़ता है...
ग्राम-चेचलगुड, पंचायत-कवाली, ब्लाक-जगदलपुर, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से राजू राणा के साथ गाँव के साथी आमासु बघेल बता रहे है कि पहले जब उन्होंने आवेदन किये थे तो उनसे बोला गया था कि नलजल आ गया है लेकिन वो नहीं आया है| गाँव में हैण्डपम्प है लेकिन उससे ख़राब पानी निकलता है और गाँव के लोग वही ख़राब पानी पी रहे है उनका कहना अगर नलजल आ जायेगा तो लोगो को ख़राब पानी पीना नहीं पड़ेगा | इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि सम्बंधित अधिकारियो से बात करके नलजल लगवाने में मदद करें ताकि सबको शुद्ध पानी मिल सके : CEO@9406146436, कलेक्टर@8458956694. संपर्क नम्बर@8817109616. (AR)
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
उटा उटा हो मोचो बस्तर माटी चो लोय...हल्बी गीत-
ग्राम पंचायत-छोटे कवाली, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से अमर सुराम बघेल हल्बी में एक गीत सुना रहे हैं:
उटा उटा हो मोचो बस्तर माटी चो लोय-
सियान सजन दादा दीदी सबो हिया न-
उटा उटा हो मोचो चेचल बुर चो गाँव चो लो-
हिय बस्तर चो माटी चो लो-
दादा दीदी सियान सजन पूरे हिय न-
उटा उटा हो मोचो बस्तर माटी चो लोय... (AR)
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
शादी के अवसर पर गाया जाने वाला गीत (गोंडी में)
ग्राम पंचायत-पीतलगुर, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से आदिवासी महिलायें गोंडी बोली में एक गीत सुना रही हैं, ये उनका पारंपरिक गीत हैं इस गीत को धुर्वा सामुदाय के लोग शादी के अवसर पर गाते हैं, ऐसे गीतों को सुनने के लिये 0805006800 पर मिस्ड कॉल कर सुन सकते हैं| (AR)

