ये बिना छेके घवा ले घा जाए दा...गंगा दशहरा गीत
ग्राम-धुमाडाड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक गंगा दशरहा गीत सुना रहे हैं :
ये बिना छेके घवा ले घा जाए दा-
घर नदिया नर डोंगा-
छेड़ पाई गंगा दशरहा गावे ले...
Posted on: Jun 11, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
छोला ला हरे भगवाना बचने वाला कोई नईया रे...छत्तीसगढ़ी परम्परागत गीत
ग्राम-उमरखोही, विकासखंड-गौरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से धनसाय मरावी गाँव की कुछ महिलाओं से छत्तीसगढ़ी भाषा में एक परम्परागत गीत सुन रहे हैं :
छोला ला हरे भगवाना बचने वाला कोई नईया रे-
पानी बिन पवन पिलगा जेहि शीत बरन के-
जेहि पलंग में हवा लगे है लिए भरोषा तनके-
धुक-धुका छाती करे चुनचुना कारे जाभी रे-
नैना मा निरा बहोवाय-
यमपुर रे राजा आवे बंदिश रखे हाथी-
घर मुर्दा राखे लईके जईहा माटी-
चोला ला हरे भगवाना बचने वाला कोई नईया रे...
Posted on: Jun 07, 2017. Tags: DHAN SAI MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
किसान स्वर: रासायनिक खाद से बीमारी बढ़ रही, इसलिए केंचुआ और गोबर खाद उपयोग करते हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-ठेंगाडांड,जिला- बिलासपुर (छत्तीसगढ़) पहुँची है वहां से धनसाय मरावी गाँव के आदिवासी किसान सोनू सिंह पोर्त से बात कर रहे है जो बता रहे है कि अभी खेती बोनी का समय आ रहा है तो खेती में जोताई चल रहा है और बता रहे है कि बाहर से जो रासायनिक खाद आता है उसका उपयोग नहीं करते है. गोबर खाद का उपयोग करते है, यूरिया डीएपी का उपयोग नहीं करते है | विदेशी खाद से तरह तरह की बीमारी बढ़ रही है, इसलिए ये लोग गोबर खाद का उपयोग करते है | धन साय बता रहे हैं कि इन किसान भाइयों की तरह और किसानों को भी केंचुआ खाद आदि का उपयोग करते हुए बेहतर धान, सब्ज़ी और दाल उगाना चाहिए जिससे अधिक लोग बीमारी का शिकार न हों. धन साय@9669383380
Posted on: Jun 04, 2017. Tags: DHANSHAY MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
गाय-बकरी चराते समय बांसुरी की धुन...
भगतपारा ग्राम-धूमाडांड़, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी की मुलाक़ात आज अपने बुज़ुर्ग मामा रूपसाय मरावी से हुई है जो गाय-बकरी चराने का काम करते हैं और गाय-बकरी चराते समय अक्सर बांसुरी बजाते है, वे बता रहे हैं कि यह बहुत पारम्परिक धुन है जिसको लोग बहुत पुराने समय से बजाते आ रहे हैं जिस धुन को उनके मामा सुना रहे हैं...
Posted on: Jun 03, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : पशुओ के आंख में कीचड़ का घरेलु उपचार -
भगतपारा, ग्राम-धुमाडाड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी किसान भाइयो को पालतू पशुओ के आंख में होने वाली बीमारी के घरेलू इलाज बता रहे हैं वे कह रहे हैं जब पशुओ के आंख में कीचड़ या पानी बहने लगता है, अँधा पन आने की संभावना होती है तब बरगद का दूध दो-दो दिन के अन्तराल में उनकी आँख में डाले जिससे ये बीमारी ठीक हो जाती है अधिक जानकारी के लिए संपर्क नम्बर रूपलाल मरावी@7089415537. वे बता रहे हैं कि पालतू पशु किसानों के लिए और खासतौर पर आदिवासी इलाकों में बहुत बड़े सहारा हैं और हमारे आसपास इस तरह के इलाज़ छुपे हुए हैं जिनको जानकार हम बेहतर इलाज़ कर सकते है और पैसे की भी बचत कर सकते हैं | अगले अंक में और जानकारी देंगे | मरावी@7089415537

