गाय-बकरी चराते समय बांसुरी की धुन...
भगतपारा ग्राम-धूमाडांड़, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी की मुलाक़ात आज अपने बुज़ुर्ग मामा रूपसाय मरावी से हुई है जो गाय-बकरी चराने का काम करते हैं और गाय-बकरी चराते समय अक्सर बांसुरी बजाते है, वे बता रहे हैं कि यह बहुत पारम्परिक धुन है जिसको लोग बहुत पुराने समय से बजाते आ रहे हैं जिस धुन को उनके मामा सुना रहे हैं...
