क्या गजब विज्ञान है कि बुतपरस्ती बढ़ गई...रचना
मालीघाट, जिला-मुज़फ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार नरेन्द्र जी की एक रचना सुना रहे है:
क्या गजब विज्ञान है की बुतपरस्ती बढ़ गई-
हम हुए आज़ाद लेकिन फाकामस्ती बढ़ गयी-
हो गया जबसे इजाफा ए खुदा तनख्वाह मे-
क्या बताये और जादा तंगदस्ती बढ़ गई-
अमन का पैगाम आया है यहाँ जिस रोज से-
मुजरिमों की इस शहर में एक बस्ती बढ़ गई-
ना खुदा हमने बनाया जो उन्हें तो ये हुआ-
हम किनारे पे खड़े थे और कश्ती बढ़ गई-
वो गिरे आकाश से तो और ऊँचे उठ गए-
देखते ही देखते कुछ और हस्ती बढ़ गई...
Posted on: Mar 20, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
मन मैला और तन को धोये फूल को चाहे कांटे बोये...भजन
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भजन सुना रहे है :
मन मैला और तन को धोये, फूल को चाहे कांटे बोये-
करे दिखावा भक्ति का तू उजली ओढ़े चादरिया-
भीतर से मन साफ़ किया न बाहर मांजे गागरिया-
परमेश्वर ओ ओ ओ परमेश्वर नित द्वार पे आये-
मन मैला और तन को धोये, फूल को चाहे कांटे बोये...
Posted on: Mar 18, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हिंदी कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द ने साहित्य को कल्पना से उतार कर जीवन की वास्तविकता से जोड़ा...
आधुनिक हिंदी कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द ने साहित्य को कल्पना से उतार कर जीवन की वास्तविकता से जोड़ा। प्रेमचन्द जन्म १८८० में उत्तरप्रदेश के बनारस जिले के छोटे से गाँव लमही के किसान परिवार में हुआ, प्रेमचन्द भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन तथा नई राष्ट्रीय चेनता के प्रतिनिधि है, १९३० में विशाल भारत में उन्होंने कहा कि मेरी सबसे बड़ी अभिलाषा यह है कि हम स्वतंत्रता आन्दोलन में सफल हो, मै दौलत और सोहरत का इच्छुक नही हूँ पर यह जरुर चाहता हूँ कि दो- चार उच्च कोटि की रचनाएँ छोड़ जाऊं जिनका उद्देश्य स्वतंत्रता प्राप्ति हो. प्रेमचन्द की कृतियां प्रतापचन्द्र, श्यामा, कृष्णा, प्रतिज्ञा, सेवासदन, निर्मला, रंगभूमि, कायाकल्प, गबन, कर्मभूमि, गोदान, प्रेमपूर्णिमा आदि रचनाएँ रही| सुनील कुमार@9308571702.
Posted on: Mar 16, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
देश के युवा संकल्प लेकर पूरे देश में वृक्षारोपण अभियान चलाएं तो हमारा पर्यावरण ठीक रहेगा...
मालीघाट जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार उनके शहर के एक वृक्षारोपण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दे रहे है जहां अलग अलग प्रकार के पेड़ पौधे लगाए गए, पौधो में फलदार वृक्ष, फर्नीचर आदि पेड़ लगाऐ गये है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पौधारोपण कार्यक्रम में युवाओं ने बढ-चढ़ कर हिस्सा लिया और साथ साथ विधालय के ( NSS ) राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े विद्यार्थी, शिक्षक, प्राध्यापक सभी लोगो ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, वे कह रहे हैं कि पर्यावरण की दृष्टि से इस तरह की पहल बहुत ही सराहनीय है, अगर इस तरह के वृक्षारोपण कार्यक्रम को पूरे देश में चलाया जाए तो हमारा देश हरा भरा रहेगा और पर्यावरण भी अच्छा रहेगा| सुनील कुमार@ 9308571702
Posted on: Mar 16, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हिंदी माध्यम में पढ़ाई के कारण खुद नहीं बन सके इंजीनियर तो औरों को पढ़ा बना रहे हैं इंजीनियर...
साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार ओमप्रकाश प्रसाद से बात कर रहे हैं जो बता रहे हैं कि वे अपने स्कूल के टॉपर थे पर गाँव के सरकारी स्कूल में हिंदी माध्यम में पढ़ाई होती थी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई अधिकतर अंग्रेज़ी में होती है इसलिए चाहते हुए भी वे इंजीनियर नहीं बन सके तब उन्होंने ठान लिया कि उनके साथ जो दिक्कत हुई है वह और लोगों को न हो इसलिए वे अपने गाँव वापस आए और एक अंग्रेज़ी माध्यम का स्कूल शुरू किया। वे बता रहे हैं कि वे स्वयं इंजीनियर नहीं बन पाए पर उनके स्कूल से इस छोटी सी जगह से भी बहुत से बच्चे डाक्टर, इंजीनियर और उससे भी बड़े बड़े पदों पर पहुंचे हैं जिसकी उनको खुशी है – सुनील कुमार@9934671608

