तब भी सावन आता था, अब भी सावन आता है...कविता-
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व सावन पर एक कविता सुना रहे हैं:
तब भी सावन आता था-
अब भी सावन आता है-
पहले जैसा सावन नहीं है-
सावन पहले होता था मनभावन-
अब सावन मनभावन नहीं है-
कहीं तो इतना बरसा कि नदियों में बाढ़ आ गयी-
कही तो मानव बूंद बूंद को इतना तरसा कि समस्या तराह आ गयी... (AR)
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
Impact : मेरा मजदूरी भुगतान नहीं मिल रहा था सीजीनेट में रिकॉर्ड करने बाद मजदूरी भुगतान हो गया है...
ग्राम-गवरखोज, पंचायत-कटरा, जिला-बिलासपुर छत्तीसगढ़ पतराज नुरेटी बता रहे है कि उनका मजदूरी भुगतान का पैसा नहीं मिल रहा था तो उन्होंने सीजीनेट स्वर में एक साल पहले सन्देश रिकॉर्ड किये करने के तीन महीने के बाद मजदूरी भुगतान मिल गया है | इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों को और अधिकारियो को धन्यवाद दे रहे है जिन्होंने उनकी मदद की | संपर्क नम्बर@7879469310.
Posted on: Jul 21, 2020. Tags: BILASPUR CG NAREGA IMPACT PATRAJ NURETI SONG VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ है धन के कटोरा, जिंहा ले उपजे सोना...कविता-
ग्राम-पकनी, पोस्ट-दिजवल जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव सिंह आयम एक कविता सुना रहे हैं:
छत्तीसगढ़ है धन के कटोरा-
जिंहा ले उपजे सोना-
छत्तीसगढ़ के 29 जिला मा एक हवे सूरजपुर-
सूरजपुर में सबो किसान है-
करथे जे मन खेती-
हरियाली हा छाये रहथे हवे भारत के बेटी...(AR)
Posted on: Jul 20, 2020. Tags: CG JAGDEV POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : अमरुद का औषधीय उपयोग...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल अमरुद का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, अतिसार या दस्त बीमारी में इसके 15 ग्राम जड़ को पानी की पीसकर 6 -6 ग्राम दिन में 3 बार सेवन कराना चाहिये, इससे बच्चो का दस्त ठीक हो सकता है, कच्चे अमरुद को खाने से भी लाभ हो सकता है, इसके छाल व कोमल पत्तो का काढ़ा बनाकर पीने से हैजा बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में लाभ हो सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015. (AR)
Posted on: Jul 20, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
अपने दुःख ला अपन मै जानो, मै हा बताओं काला...गीत-
ग्राम-कुमसी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से घरसूराम बघेल एक गीत सुना रहे हैं:
अपने दुःख ला अपन मै जानो-
मै हा बताओं काला-
मोर पाँव मा पड गये छाला-
कैसे आओं तोर दिवाला-
अपने दुःख ला अपन मै जानो-
मै हा बताओं काला... (AR)
