छत्तीसगढ़ के दाई तोला माथ नवाओ ओ...गीत-

जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मीनारायण माली एक गीत सुना रहे हैं:
छत्तीसगढ़ के दाई तोला माथ नवाओ ओ-
ताहीं अस भुइंया के माटी-
दाई माथ नवाओ ओ-
तोरे कोरा मा दाई खेलेन कूदेन ओ-
तोरे अचरा मा अपन आंसू ला पोछेन ओ-
दुनिया के भार हा तोरे ऊपर माथ नवाओ ओ-
ताहीं अस भुइंया के माटी दाई माथ नवाओ ओ... (AR)

Posted on: Jan 03, 2021. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : जलोदर बीमारी को ठीक करने का घरेलू नुस्खा...

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल जलोदर बीमारी को ठीक करने के लिये घरेलू नुस्खा बता रहे हैं| गुलबास की पत्ती 50 ग्राम लेकर पानी के साथ पीसकर छान लें और रख लें| रोगी को दिन में 4 बार सेवन करायें लाभ हो सकता है| दूसरा उपचार करौंदे के पत्ते का रस 10 मिली लीटर की मात्रा में सेवन करना है| उसके बाद 20 मिली लीटर देना है, इस प्रकार बढ़ाते हुये मात्रा में 10 दिन तक देना है| उसके बाद घटाते हुये मात्रा में देना है| इसका सेवन सुबह करें| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9826040015. (AR)

Posted on: Jan 03, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIA SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्व: त्योहारो पर वन की भूमिका...

ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) ग्राम पटेल सुन्दर नरेटी बताते हैं कि वो नयी फसल खाने से पहले देवी देवताओं को चावल, दूध और शक्कर से अच्छा पकवान बनाकर चढ़ातें हैं, फिर उसके बाद ही वो खाते हैं। साजा के पेड़ को अपना इष्टदेव मानकर उस पर महुआ चढातें हैं। सभी आदिवासी मिलकर पूजा अर्चना भी करते हैं, उसके बाद सभी आदिवासी उसको खातें हैं। हरियाली पर भेलवा का पत्ता खेत में चढातें हैं माना जाता है कि भेलवा बहुत उपकारी होता है। कहीं कहीं पर भेलवा कि जगह नीम चढ़ाया जाता है। आज से 30-35 वर्ष पहले जंगल से बांस लाकर उसकी गेड़ी बनाकर 2 किलोमीटर दूर तक जाकर खेलते थे। दीपावली पर खेत से ढाल लाकर घर के आंगन में सजाते हैं। वन से पत्ता लाकर उसकी माला बनाकर जानवरो को पहनाते थे।(RM)

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: CG KANKER SUNDAR NARETI VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: आदिवासी गाँव कि आधुनिक सोच...

ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) समधर नरेटी कहतें है जल, जंगल हमारा है| त्यौहार, घर बनाने के लिए जरुरतमंद चीज़े जंगल से ही मिलती हैं| हम सभी जंगल से जुड़े हुए लोग हैं, जंगल से ही जीवन हैं| हमारे यहाँ 12 जातियां एक साथ रहती हैं, इसी से गाँव का निर्माण होता हैं| गाँव में हम सबको लेकर ही चलते हैं| जात पात कुछ नही होता है| सभी जातियों के लोग एक साथ रहेंगे, एक दुसरे की मदद करेंगे तभी गाँव सही से चल पाएगा|(RM)

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: CG KANKER SAMDHAR NARETI VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: वनों कि रक्षा में नौनिहालो का योगदान...

ग्राम-मोदे, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) संजय कुमार सोरी बता रहे हैं कि उन्हें इस क्षेत्र में आए हुए 22-23 वर्ष हुए हैं, उस समय यहां सड़क, पूल और जरूरत के संसाधन नही थे। बच्चे कीचड़ पार करके विद्यालय आया करते थे। ये विद्यालय पहले 5वीं तक था, जिसकी वजह से बच्चो को 4-5 किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता था। गांव वालों ने इस बात को समझ और अधिकारियों से बात करके विद्यालय बनाया गया। शिक्षा के माध्यम से ही बच्चों को पर्यावरण को सुधारने के लिए समझाया जा सकता है। पहले पूर्वज वन को सुरक्षित रखते थे, अब ये जिम्मेदारी हम लोगों पर है और उनसे होते हुए नई पीढ़ी पर। पूर्वजो की वजह से ही वन-औसाधियाँ बची हुई हैं। बच्चे इन बातों को समझ रहें। समितियों की मदद से मिलने वाले बीजों को बच्चो से अवगत करवाया जा रहा है। हम बच्चों के साथ वृक्षारोपण अभियान भी चल रहें हैं।
संपर्क:- 9407602369(RM)

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: CG KANKER SANJAY SORI VANANCHAL SWARA

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