वनांचल स्वर: वनों कि रक्षा में नौनिहालो का योगदान...

ग्राम-मोदे, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) संजय कुमार सोरी बता रहे हैं कि उन्हें इस क्षेत्र में आए हुए 22-23 वर्ष हुए हैं, उस समय यहां सड़क, पूल और जरूरत के संसाधन नही थे। बच्चे कीचड़ पार करके विद्यालय आया करते थे। ये विद्यालय पहले 5वीं तक था, जिसकी वजह से बच्चो को 4-5 किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता था। गांव वालों ने इस बात को समझ और अधिकारियों से बात करके विद्यालय बनाया गया। शिक्षा के माध्यम से ही बच्चों को पर्यावरण को सुधारने के लिए समझाया जा सकता है। पहले पूर्वज वन को सुरक्षित रखते थे, अब ये जिम्मेदारी हम लोगों पर है और उनसे होते हुए नई पीढ़ी पर। पूर्वजो की वजह से ही वन-औसाधियाँ बची हुई हैं। बच्चे इन बातों को समझ रहें। समितियों की मदद से मिलने वाले बीजों को बच्चो से अवगत करवाया जा रहा है। हम बच्चों के साथ वृक्षारोपण अभियान भी चल रहें हैं।
संपर्क:- 9407602369(RM)

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: CG KANKER SANJAY SORI VANANCHAL SWARA